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India-Pakistan: भारत को बदनाम करने की पाक की नई साजिश, जानिए क्या है मामला

India-Pakistan: भारत को बदनाम करने की पाक की नई साजिश, जानिए क्या है मामला
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India-Pakistan: अपने आका चीन को खुश करने के लिए और खुद को एफएटीएफ के जाल से बचाने के लिए पाकिस्तान की भारत को बदनाम करने की एक और नापाक चाल सामने आई है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई शुक्रवार को अपने मुख्यालय में पाकिस्तान में मौजूद सभी विदेशी दूतावासों के डिफेंस अटैची को बुला कर भारत को बदनाम करने की साजिश रच रहा है।

अपने आका चीन को खुश करने के लिए पाकिस्तान कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। इसके तहत अब पाकिस्तान ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम करने के लिए एक और प्रोपेगेंडा करने की साजिश रची है। इस साजिश के तहत पाकिस्तान ने अपने देश में मौजूद सभी विदेशी देशों के दूतावासों से उनके डिफेंस अटैची को 11 दिसंबर को आईएसआई मुख्यालय में भेजने को कहा है। पाकिस्तान सरकार के दस्तावेज के मुताबिक इस्लामाबाद में मौजूद सभी विदेशी दूतावासों को पत्र भेजा गया है।

इस पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के महानिदेशक इन दूतावासों के डिफेंस अटैची को ताजा हालातों से अवगत कराएंगे। इस दस्तावेज के मुताबिक विदेशी डिफेंस अटैची को भारत-पाकिस्तान की लाइन ऑफ कंट्रोल पर मौजूदा स्थिति से अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा पाकिस्तान के पश्चिमी बॉर्डर पर वर्तमान में क्या हालात हैं, उनके बारे में अवगत कराया जाएगा। साथ ही पाकिस्तान आतंकवाद निरोधक मामलों में कौन से कदम उठा रहा है, इस बारे में भी विदेशी दूतावास के लोगों को अवगत कराया जाएगा।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की बैठक का मकसद एकदम साफ है। आईएसआई इस बैठक के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के खिलाफ एक और प्रोपेगैंडा फैलाना चाहती है। साथ ही वह फरवरी में होने वाली एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को भी बचाना चाहती है, जिससे वह इल्जाम भारत के सिर पर थोप कर खुद को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट से बाहर करा सके।

खुफिया जानकारों का मानना है कि इस दस्तावेज में पाकिस्तान में जिन बिंदुओं पर ब्रीफिंग करनी है, वह सीधे-सीधे भारत से जुड़े हुए हैं और दिलचस्प बात यह भी है कि पहली बार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से आधिकारिक पत्र जारी कर विदेशी दूतावासों के डिफेंस अटैची को बुलाया गया है। आईएसआई के इस दस्तावेज पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के महानिदेशक की तरफ से उनके कर्नल आमेर मलिक ने हस्ताक्षर किए है। दस्तावेज मे विदेशी दूतावासों से आग्रह किया गया है कि जो अपने जिस अधिकारी को भेज रहा है, उसका नाम और रैंक आदि की जानकारी भी भेजें।

खुफिया सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान इस ब्रीफिंग के दौरान एलओसी पर जो उसके मुजाहिद सैनिक मारे गए हैं, उन्हें अपने स्थानीय नागरिकों के तौर पर दिखाने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि अभी तक की जानकारी के मुताबिक इस बैठक में अमेरिका संभवत हिस्सा नहीं लेगा, क्योंकि उसके पास पाकिस्तान की इस नापाक साजिश की जानकारी पहुंची हुई है।

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