संसद का मानसून सत्र आज अपने आखिरी मुकाम पर पहुंच गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या सत्ता पक्ष और विपक्ष किसी समझौते पर पहुंच पाएंगे या फिर यह गतिरोध सत्र के आखिरी दिन भी इसी तरह जारी रहेगा। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस गतिरोध को समाप्त करने के लिए एक आखिरी कोशिश की है। शाह ने सदन में चर्चा सुनिश्चित करवाने के लिए लोकसभा स्पीकर को एक औपचारिक चिट्ठी लिखी है। इस पत्र के माध्यम से सरकार ने विपक्ष को चर्चा की मेज पर आने का निमंत्रण दिया है, ताकि महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को पूरा किया जा सके।
अमित शाह की अपील और राहुल गांधी का रुख
आज मानसून सत्र का आखिरी दिन है और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए संसद में गतिरोध टूटने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर विपक्ष से बात करने और चर्चा का माहौल बनाने की अपील की है। शाह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह चर्चा के बाद विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। दूसरी ओर, विपक्ष के नेता राहुल गांधी अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि अमित शाह के भाषण में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है, जिससे सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने की संभावनाएं कम होती दिख रही हैं। आज लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक चलेगी। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मानसून सत्र विपक्ष के शोर-शराबे की भेंट चढ़ जाता है या फिर आखिरी दिन कोई सार्थक चर्चा हो पाती है। गृहमंत्री ने साफ कर दिया है कि विपक्ष छात्रों पर कार्रवाई समेत जिस भी मुद्दे पर चर्चा चाहता है, सरकार उस पर बहस के लिए तैयार है।
राज्यसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस और विवाद
सदन के भीतर विवाद केवल चर्चा तक सीमित नहीं रहा है और राज्यसभा में लुंगीवाला कहने के आरोप को लेकर विवाद काफी गरमा गया है। इस मामले में सबसे पहले राज्यसभा में CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने बीजेपी सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। इसके जवाब में अब सुष्मिता देव ने भी जॉन ब्रिटास के खिलाफ नोटिस दे दिया है। जॉन ब्रिटास के आरोपों का पूरी तरह खंडन करते हुए सुष्मिता देव ने कहा कि उन्होंने इस मामले में स्पीकर से आग्रह किया है कि वह दोनों पक्षों के दावों का फैक्ट चेक करें और उसके बाद ही अपना फैसला सुनाएं। गौरतलब है कि 10 अगस्त को राज्यसभा में चर्चा के दौरान दोनों सांसदों के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद ब्रिटास ने आरोप लगाया कि सुष्मिता देव ने उन्हें लुंगी वाला कहकर संबोधित किया। इस मामले को लेकर केरल के सांसदों ने संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया है।
लोकसभा की कार्यक्षमता और आर्थिक नुकसान
सदन की कार्यवाही के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक है। लोकसभा में पिछले 18 दिन के दौरान सिर्फ 19 घंटे 23 मिनट ही काम हो सका है। जबकि निर्धारित शेड्यूल के अनुसार 108 घंटे काम होना चाहिए था। इसका अर्थ यह है कि लोकसभा में केवल 18% काम ही पूरा हो पाया। इन 18 दिनों में लोकसभा में 12 बिल पास हुए और राज्यसभा में केवल दो बिल पास हो सके। सदन में लगातार होने वाले हंगामे की वजह से देश के करीब 133 करोड़ रुपये बर्बाद हो गए हैं। राहुल गांधी का सीधा निशाना अमित शाह पर है और वह सदन की कार्यवाही चलने देने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। अमित शाह ने स्पीकर को चिट्ठी लिखने से पहले खुद भी कोशिश की थी, लेकिन राहुल गांधी की जिद के आगे यह प्रयास भी विफल साबित हुए।