फिनटेक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस यानी पेटीएम के शेयरों में मंगलवार की सुबह के कारोबार के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के बेहद मजबूत वित्तीय नतीजे आने के बाद, बाजार खुलते ही शेयर में शुरुआती दौर में करीब 1 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी। हालांकि, यह शुरुआती खुशी बाजार में अधिक देर तक नहीं टिक पाई और बिकवाली के भारी दबाव के चलते शेयर ने अपनी सारी शुरुआती बढ़त गंवा दी। 3 फीसदी टूटकर 1633 रुपये के स्तर पर आ गया। 4 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुआ था।
पेटीएम के शेयर में मंगलवार को आई इस अचानक गिरावट की सबसे मुख्य वजह व्यापक बाजार की सुस्ती और ऊपरी स्तरों पर निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली रही। 4 फीसदी चढ़ चुका था। मंगलवार की सुबह भी इसकी शुरुआत 1 फीसदी की तेजी के साथ हुई थी, लेकिन इसके तुरंत बाद पूरे भारतीय शेयर बाजार यानी सेंसेक्स और निफ्टी में भारी दबाव देखने को मिला। जैसे ही बाजार का मूड बिगड़ा, निवेशकों ने ऊंचे दामों पर अपनी बिकवाली शुरू कर दी और मुनाफावसूली के चलते शेयर अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार नहीं रख पाया तथा फिसलकर लाल निशान में बंद हुआ।
अगर इस पूरे कैलेंडर वर्ष के आंकड़ों पर गहरी नजर डाली जाए, तो पेटीएम के प्रदर्शन ने अपने निवेशकों को निराश बिल्कुल नहीं किया है। 5 फीसदी का शानदार रिटर्न दे चुका है। 05 लाख करोड़ रुपये के मजबूत स्तर पर पहुंच चुका है, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को साफ दर्शाता है।
दूसरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 10 गुना से ज्यादा बढ़ा
शेयर की कीमत में भले ही मंगलवार को मामूली गिरावट का रुख देखने को मिला हो, लेकिन पेटीएम के हालिया तिमाही नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही यानी क्यू2 एफवाई27 में कंपनी का समेकित नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर महज 21 करोड़ रुपये से सीधा छलांग लगाकर 226 करोड़ रुपये के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। इस प्रकार, कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर 10 गुना से अधिक की अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। 5 फीसदी की मजबूत बढ़त के साथ 2648 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कामकाजी मुनाफे यानी एबिटडा के मोर्चे पर भी पेटीएम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बाजी मारी है। 5 फीसदी के भारी उछाल के साथ बढ़कर 270 करोड़ रुपये हो गया है। 2 फीसदी के स्तर पर पहुंच गया है, जो कंपनी की मजबूत होती वित्तीय स्थिति और बेहतर परिचालन दक्षता की तस्दीक करता है।
दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने शेयर पर जताया पूरा भरोसा
कंपनी के इन मजबूत और शानदार वित्तीय नतीजों के सामने आने के बाद देश और दुनिया की कई बड़ी ब्रोकरेज फर्मों ने पेटीएम के इस स्टॉक पर अपना मजबूत भरोसा पूरी तरह से कायम रखा है। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने इस स्टॉक पर अपनी आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है और इस फर्म ने पेटीएम के शेयर के लिए 2200 रुपये का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है। यह लक्ष्य सोमवार के इसके अंतिम बंद भाव से करीब 33 फीसदी अधिक है। बर्नस्टीन का स्पष्ट रूप से मानना है कि मुख्य फाइनेंशियल सर्विसेज से होने वाली कमाई के अलावा पेमेंट मार्जिन में लगातार हो रहे सुधार से कंपनी को सीधा और बड़ा वित्तीय फायदा मिल रहा है।
दूसरी तरफ, एक अन्य दिग्गज ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भी इस शेयर को खरीदने यानी बाय करने की स्पष्ट सलाह दी है। जेफरीज ने पेटीएम के शेयर के लिए 2150 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। इसके अलावा, प्रसिद्ध वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने भी अपनी बाय रेटिंग को पूरी तरह कायम रखते हुए इसके टारगेट प्राइस को पहले के 1560 रुपये से बढ़ाकर सीधा 1940 रुपये कर दिया है। सिटी को पूरी उम्मीद है कि आने वाले आगामी दिनों में कंपनी के नेट पेमेंट मार्जिन में और अधिक मजबूती देखने को मिलेगी।
दिवाली के बाद यूपीआई के एमडीआर नियम से बदलेगा खेल
पेटीएम के भविष्य के व्यावसायिक परिदृश्य को लेकर सबसे बड़ी और अहम उम्मीद यूपीआई मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी यूपीआई एमडीआर से जुड़ी हुई है। एक अन्य प्रमुख ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भी पेटीएम के शेयर पर अपनी खरीदारी की राय को लगातार बनाए रखा है, हालांकि उसने एहतियात के तौर पर अपना टारगेट प्राइस 2070 रुपये से थोड़ा घटाकर 2010 रुपये किया है। गोल्डमैन सैक्स का यह आकलन है कि प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर के लागू होने से अकेले पेटीएम का एबिटडा 40 फीसदी तक और अधिक बढ़ सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक इस बड़े और संभावित फायदे का पूरा असर अभी तक शेयर की मौजूदा कीमत में पूरी तरह से शामिल नहीं हुआ है।
यह नया और बहुप्रतीक्षित यूपीआई एमडीआर नियम आगामी दिवाली के तुरंत बाद लागू होने की पूरी संभावना है। 5 बेसिस पॉइंट्स का बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। कंपनी के अनुसार, यह नया नियम लागू होने के बाद शुरुआती दो से तीन तिमाहियों के भीतर इसके पूरे व्यावसायिक असर से कारोबार में एक गहरी स्थिरता आ जाएगी। लगातार मजबूत होते मुनाफे के आंकड़ों के साथ-साथ इस नए नियम के आने की प्रबल उम्मीद ने ही देश-विदेश की तमाम ब्रोकरेज फर्मों को पेटीएम के शेयर पर इतना अधिक बुलिश बनाए रखा है।