पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को देश में ईंधन और गैस की मौजूदा स्थिति पर एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट साझा की। आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्र सरकार ने स्वीकार किया है कि वर्तमान में देश के कुछ हिस्सों में एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) की आपूर्ति एक चिंता का विषय बनी हुई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हालांकि एलपीजी की थोड़ी कमी महसूस की जा रही है, लेकिन गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स की ओर से 'ड्राई आउट' यानी स्टॉक पूरी तरह खत्म होने का कोई आधिकारिक संदेश प्राप्त नहीं हुआ है। सरकार ने नागरिकों से पैनिक न करने की अपील की है और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।
पैनिक बुकिंग और मांग में अचानक वृद्धि
मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एलपीजी की कमी का एक मुख्य कारण उपभोक्ताओं के बीच व्याप्त पैनिक बुकिंग है। सामान्य दिनों में देश भर में रोजाना 50-55 लाख एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग होती थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में यह आंकड़ा तेजी से बढ़कर 75-76 लाख तक पहुंच गया है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति श्रृंखला पर इस अतिरिक्त दबाव के कारण वितरण में कुछ देरी हो रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वृद्धि वास्तविक खपत के बजाय भविष्य की अनिश्चितता के डर से की जा रही बुकिंग के कारण है।
उत्पादन में वृद्धि और वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था
आपूर्ति की स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने एलपीजी के घरेलू उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की है और मंत्रालय के अनुसार, 5 मार्च की तुलना में देश में एलपीजी का उत्पादन 40% तक बढ़ा दिया गया है। 8 करोड़ लीटर केरोसीन तेल जारी किया गया है। व्यावसायिक क्षेत्र में गैस की खपत को संतुलित करने के लिए कोल इंडिया को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे होटल और रेस्टोरेंट को पर्याप्त मात्रा में कोयला उपलब्ध कराएं ताकि वे एलपीजी पर अपनी निर्भरता कम कर सकें।
अस्पतालों और छात्रावासों के लिए प्राथमिकता वितरण
वितरण रणनीति को लेकर मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं और वर्तमान स्थिति को देखते हुए, एलपीजी आपूर्ति के लिए अस्पतालों और छात्रावासों (हॉस्टल्स) को प्राथमिकता दी जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि आवश्यक सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में ईंधन की कमी के कारण कोई बाधा न आए। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी वितरण नेटवर्क को सुव्यवस्थित किया जा रहा है ताकि पैनिक बुकिंग के बावजूद नियमित आपूर्ति बनी रहे। अधिकारियों ने दोहराया कि स्टॉक की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि वितरण प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है।
सीएनजी और पीएनजी की निर्बाध आपूर्ति
एलपीजी के विपरीत, सरकार ने सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की स्थिति को पूरी तरह संतोषजनक बताया है। मंत्रालय के अनुसार, देश में सीएनजी की आपूर्ति में न तो कोई कमी है और न ही भविष्य में किसी कटौती की योजना है और घरों में पाइप के जरिए पहुंचने वाली पीएनजी की सप्लाई भी सामान्य रूप से जारी रहेगी। सरकार ने जनता से अपील की है कि वे एलपीजी के स्थान पर पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें। 5 करोड़ पीएनजी उपभोक्ता हैं और बुनियादी ढांचा इतना सक्षम है कि 60 लाख अतिरिक्त परिवार तत्काल पीएनजी कनेक्शन ले सकते हैं।
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता पर स्पष्टीकरण
पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर सरकार ने आश्वस्त किया है कि देश में तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सभी पेट्रोल पंपों पर ईंधन की नियमित आपूर्ति हो रही है और कमी की कोई रिपोर्ट नहीं है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से मंत्रालय ने आम जनता को एक विशेष सलाह दी है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे खुले कंटेनरों, बोतलों या डिब्बों में पेट्रोल और डीजल न लें, क्योंकि यह सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया कि परिवहन और निजी वाहनों के लिए ईंधन की कोई किल्लत नहीं होने दी जाएगी।