प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' के दौरान लगभग 6350 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। पीएम मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि महिला आरक्षण लागू कराना उनका प्रमुख लक्ष्य है और वह इसे हर हाल में पूरा करके ही रहेंगे। उन्होंने काशी को दिव्य शक्तियों की भूमि बताते हुए कहा कि माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकठा और मां गंगा के आशीर्वाद से बहन-बेटियों के इस समागम ने इस अवसर को और भी दिव्य बना दिया है।
विपक्षी दलों पर तीखा हमला और आरक्षण का संकल्प
प्रधानमंत्री ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों की वजह से संसद में पूर्व में किए गए प्रयास सफल नहीं हो पाए थे और उन्होंने कहा कि परिवारवादी और तुष्टिकरण की राजनीति में डूबे ये दल नारी शक्ति से डरे हुए हैं। पीएम मोदी के अनुसार, ये दल नहीं चाहते कि कॉलेज कैंपस से लेकर पंचायतों तक नेतृत्व करने वाली बेटियां विधानसभा और संसद तक पहुंचें, क्योंकि उन्हें डर है कि धरातल पर काम करने वाली बेटियों के आगे आने से उनका नियंत्रण और सत्ता खत्म हो जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह बहनों के आरक्षण के हक को लागू करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे।
महिला आरक्षण अधिनियम और राजनीतिक दलों का रुख
पीएम मोदी ने बताया कि नई संसद के गठन के बाद पहला बड़ा कार्य बहनों को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों से बहनों का यह अधिकार लटका हुआ था, जिसे 2023 में नारी शक्ति अधिनियम पारित करवाकर आगे बढ़ाया गया। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस, सपा, टीएमसी और डीएमके जैसी पार्टियों पर देश की महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन दलों ने 40 सालों तक इस कानून को रोके रखा और हाल ही में संसद में चर्चा के दौरान फिर से इसे 'लाल झंडी' दिखाने का प्रयास किया। पीएम ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में महिलाओं के रिकॉर्ड मतदान का जिक्र करते हुए कहा कि यह वोट महिला विरोधी दलों को सजा देने के लिए था।
महिला कल्याण और 'लखपति दीदी' योजना की सफलता
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को 'नागरिक देवो भव' के मंत्र से जोड़ा, जिसमें पढ़ाई, कमाई, दवाई, सिंचाई और सुनवाई को केंद्र में रखा गया है। 5 करोड़ से अधिक घरों में बिजली कनेक्शन दिए गए। इसके अलावा, 12 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया गया है। पीएम ने आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में 10 करोड़ बहनें स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और अब तक 3 करोड़ बहनें 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।
अमृत भारत ट्रेनों का शुभारंभ और कनेक्टिविटी
विकास परियोजनाओं की कड़ी में प्रधानमंत्री ने दो नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और ये ट्रेनें बनारस से पुणे (हडपसर) और अयोध्या से मुंबई (लोकमान्य तिलक टर्मिनल) के बीच चलेंगी। पीएम मोदी ने कहा कि ये ट्रेनें उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएंगी। अब मुंबई और पुणे सहित पूरे महाराष्ट्र के लोगों के लिए अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ धाम पहुंचना अधिक सुलभ और आधुनिक हो गया है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में काशी के सांसद और देश के प्रधानमंत्री के तौर पर देशहित के इस बड़े लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जनता से आशीर्वाद मांगा। उन्होंने दोहराया कि भाजपा-NDA सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक भागीदारी को बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।