गुजरात की सभी 15 नगर निगम सीटों के नतीजे अब पूरी तरह सामने आ चुके हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सभी नगर निगमों में जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप किया है। अहमदाबाद नगर निगम में भाजपा ने 192 में से 158 सीटों पर कब्जा जमाकर शहरी राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया। इस बड़ी जीत के साथ भाजपा ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि गुजरात में उसकी संगठनात्मक ताकत अब भी बेहद मजबूत बनी हुई है। वहीं, इस चुनाव में भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की बहन नयनाबा जडेजा को राजकोट नगर निगम चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।
राजकोट में भाजपा का प्रदर्शन और नयनाबा जडेजा की हार
राजकोट में भी भाजपा का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा है और यहाँ की नगर निगम की कुल 72 सीटों में से भाजपा ने 65 सीटों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को केवल 7 सीटों से संतोष करना पड़ा। आम आदमी पार्टी (AAP) यहाँ अपना खाता तक नहीं खोल सकी। राजकोट जिला पंचायत की स्थिति देखें तो यहाँ की 36 सीटों में से भाजपा ने 34 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों ने क्रमशः 1-1 सीट पर जीत हासिल की है। राजकोट नगर निगम के वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस की उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने वाली नयनाबा जडेजा चुनाव हार गई हैं। यहाँ भाजपा ने जीत दर्ज की है और बताया जा रहा है कि इस चुनाव में पारिवारिक संबंधों के साथ-साथ ननद-भाभी के बीच राजनीतिक जंग भी चर्चा का विषय रही।
सूरत में भाजपा की एकतरफा जीत और शिक्षा मंत्री का बयान
सूरत में वोटों की गिनती पूरी होने के बाद भाजपा ने एकतरफा जीत दर्ज की है। भाजपा ने यहाँ बंपर प्रदर्शन करते हुए 120 में से 115 सीटों पर अपना कब्जा जमाया है। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी को यहाँ सिर्फ 4 सीटें मिली हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में महज 1 सीट गई है। इस परिणाम पर गुजरात की शिक्षा मंत्री रिवाबा जडेजा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जीत भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं के परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जनता जान चुकी है कि विकास से जुड़ने के लिए भाजपा को ही चुनना होगा और इस जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शीर्ष नेतृत्व को जाता है।
अहमदाबाद महानगरपालिका में भाजपा का वर्चस्व
अहमदाबाद महानगरपालिका की कुल 192 सीटों में से भाजपा ने 158 सीटें जीतकर राज्य के सबसे बड़े शहर में अपना दबदबा और अधिक मजबूत कर लिया है। यहाँ कांग्रेस को केवल 9 सीटें प्राप्त हुई हैं, जबकि आम आदमी पार्टी और AIMIM को कोई सफलता नहीं मिली। अहमदाबाद के ये परिणाम शहरी मतदाताओं के सत्तारूढ़ दल के पक्ष में निर्णायक मतदान का प्रमाण माने जा रहे हैं।
इस चुनाव परिणाम ने एक बार फिर गुजरात भर के स्थानीय निकायों में भाजपा की चुनावी ताकत और पकड़ को साबित कर दिया है। शहरी क्षेत्रों में भाजपा का यह प्रदर्शन विपक्ष के लिए एक बड़ी चुनौती के रूप में उभरा है, जहाँ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को सीमित सीटों पर ही सफलता मिल सकी है।