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: ईंधन बचाओ अभियान: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने रोडवेज बस से किया सफर, स्टाफ को दिए सख्त निर्देश

- ईंधन बचाओ अभियान: डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने रोडवेज बस से किया सफर, स्टाफ को दिए सख्त निर्देश
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राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक कार्यशैली में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां सत्ता के शीर्ष पर बैठे जनप्रतिनिधि अब आम जनता के बीच पहुंचकर सादगी का संदेश दे रहे हैं। इसी क्रम में, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने गुरुवार, 14 मई 2026 को एक सराहनीय पहल की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रहित में की गई 'ईंधन बचत' की अपील का सम्मान करते हुए, उपमुख्यमंत्री बैरवा ने सरकारी तामझाम और लग्जरी वाहनों को छोड़कर राजस्थान रोडवेज की बस में सफर करने का निर्णय लिया। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब उपमुख्यमंत्री को दूदू विधानसभा क्षेत्र के फागी में आयोजित होने वाली 'ग्राम विकास चौपाल' में सम्मिलित होना था। सरकार में आने के बाद यह पहला अवसर था जब प्रेमचंद बैरवा ने इस प्रकार सार्वजनिक परिवहन का उपयोग कर एक मिसाल पेश की।

प्रधानमंत्री की अपील और ईंधन संरक्षण की पहल

उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा की इस यात्रा के पीछे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश को धरातल पर उतारना था, जिसमें उन्होंने देशवासियों से ईंधन बचाने और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने का आह्वान किया था। बैरवा ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की 'ईंधन बचत' की अपील का गहरा असर अब प्रदेश के मंत्रियों की कार्यशैली में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी प्रेरणा के चलते, उन्होंने रोडवेज की एक साधारण नॉन-एसी बस में सवार होकर जयपुर से फागी तक की यात्रा करने का फैसला किया और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब नेतृत्व स्वयं उदाहरण पेश करता है, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की लहर आती है।

सहकार मार्ग से फागी तक का सफर और स्टाफ को निर्देश

अपनी इस यात्रा के लिए उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा जयपुर के सहकार मार्ग स्थित सहकार भवन स्टैंड पर पहुंचे। वहां से उन्होंने फागी जाने वाली रोडवेज की बस पकड़ी। जैसे ही उपमुख्यमंत्री बस में सवार हुए, उन्होंने अपनी सादगी और नियमों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया। बस में चढ़ते ही उन्होंने अपने साथ मौजूद पीएसओ (PSO) और अन्य स्टाफ सदस्यों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे तुरंत कंडक्टर के पास जाकर अपनी टिकट कटवाएं। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि उनके साथ यात्रा कर रहा कोई भी व्यक्ति बिना टिकट के सफर न करे। यह कदम न केवल अनुशासन को दर्शाता है, बल्कि सरकारी राजस्व के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है।

विधायक की रियायत और नियमों का पालन

टिकट कटवाने के दौरान उपमुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण बात साझा की। उन्होंने कहा, "एक विधायक होने के नाते मुझे रोडवेज बसों में रियायती सफर करने का अधिकार प्राप्त है और मुझे व्यक्तिगत रूप से टिकट नहीं लेने की रियायत मिली हुई है। " उन्होंने अपने स्टाफ को निर्देशित किया कि वे कंडक्टर के पास जाकर अपनी टिकट अनिवार्य रूप से लें। बैरवा का यह रुख दर्शाता है कि वे विशेषाधिकारों के उपयोग के बजाय नियमों की पालना को अधिक महत्व देते हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि नियमों का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो।

राष्ट्रहित में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग का संदेश

फागी के लिए रवाना होने से पूर्व, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने मीडिया और वहां उपस्थित लोगों से बातचीत करते हुए राष्ट्रहित के मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्व जिन आर्थिक चुनौतियों और अस्थिर परिस्थितियों से गुजर रहा है, ऐसे दौर में ईंधन का संरक्षण करना और संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करने की बात कही और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए दिए गए संदेश से हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए और उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में एक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए।

अंत में, उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से एक भावुक अपील की और उन्होंने कहा, "मैं सभी प्रदेशवासियों से विनम्र आग्रह करता हूँ कि वे अपने दैनिक जीवन में ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट यानी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। अनावश्यक रूप से निजी वाहनों के प्रयोग से बचें। " प्रेमचंद बैरवा की यह पहल न केवल ईंधन संरक्षण की दिशा में एक कदम है, बल्कि यह सार्वजनिक जीवन में सादगी और शुचिता का एक बड़ा संदेश भी देती है। उनकी यह यात्रा फागी में आयोजित ग्राम विकास चौपाल के साथ संपन्न हुई, जहां उन्होंने स्थानीय विकास के मुद्दों पर चर्चा की।

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