पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटका, तीन बागी विधायक भाजपा में हुए शामिल

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पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को झटका, तीन बागी विधायक भाजपा में हुए शामिल
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पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को एक बड़ा और करारा झटका लगा है। पार्टी से बगावत करने वाले तीनों बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। दिल्ली में इन तीनों नेताओं ने आधिकारिक रूप से भाजपा का दामन थामा है। भाजपा में शामिल होने के बाद इन तीनों विधायकों ने भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर तीखे आरोप लगाए और दावा किया कि अब केवल भाजपा ही पंजाब का सही दिशा में विकास कर सकती है।

यह पूरा राजनीतिक घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब आम आदमी पार्टी ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए अपने 40 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की। इस पहली सूची के सामने आते ही पार्टी के भीतर भारी असंतोष और बगावत शुरू हो गई। सबसे पहले रविवार के दिन सनौर विधानसभा सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना विधानसभा सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके ठीक अगले दिन यानी सोमवार को अमृतसर नॉर्थ सीट से विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने भी पंजाब विधानसभा की सदस्यता से अपना इस्तीफा सौंप दिया।

भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद बागी विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने खुलकर दावा किया कि पंजाब में अब आम आदमी पार्टी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने खुद अपनी नीतियों के जरिए इस पार्टी का अंत कर दिया है। उनके अनुसार आम आदमी पार्टी अब व्यावहारिक रूप से अस्तित्व में ही नहीं बची है और आने वाले समय में पंजाब में भी डबल-इंजन की सरकार बनेगी।

पूर्व आईपीएस अधिकारी कुंवर विजय प्रताप सिंह ने अपना औपचारिक इस्तीफा पंजाब विधानसभा के स्पीकर को भेजा था। उन्होंने सोशल मीडिया पर अमृतसर की महान जनता के नाम एक विस्तृत संदेश जारी करते हुए यह जानकारी दी कि उन्होंने पंजाब लेजिस्लेटिव असेंबली की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस संदेश में जनता की ओर से अब तक मिले अथाह प्यार और सम्मान के प्रति गहरा आभार भी व्यक्त किया।

कुंवर विजय प्रताप सिंह ने यह भी दावा किया कि एक विधायक के तौर पर उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान अपने काम के 90 प्रतिशत लक्ष्यों को पूरी तरह से पूरा किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति में माई-बाप कल्चर को पूरी तरह से खत्म करना उनकी सबसे बड़ी और अहम उपलब्धि रही है। उनके मुताबिक उन्होंने हमेशा जनता को अपनी प्रेरणा का स्रोत मानकर पूरी ईमानदारी से काम किया और सदन के भीतर हमेशा अमृतसर के आम लोगों की आवाज को पूरी मजबूती से उठाया।

आपको बता दें कि कुंवर विजय प्रताप सिंह साल 2022 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अपनी आईपीएस की नौकरी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने इसके बाद अमृतसर नॉर्थ सीट से चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की थी। हालांकि बाद में पार्टी ने उन्हें कथित रूप से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पांच साल की लंबी अवधि के लिए निलंबित कर दिया था।

कुंवर विजय प्रताप सिंह के इस्तीफा देने से ठीक एक दिन पहले यानी रविवार को दो अन्य प्रमुख विधायकों ने भी आम आदमी पार्टी से अपने रास्ते अलग कर लिए थे। इनमें पटियाला जिले की सनौर सीट से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा और समाना सीट से विधायक चेतन सिंह जौड़ामाजरा का नाम शामिल है। विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा ने अपना इस्तीफा सीधे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को भेजा था। वहीं दूसरी तरफ पूर्व कैबिनेट मंत्री चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का आधिकारिक ऐलान किया था। इन दोनों ही नेताओं ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और पंजाब सरकार के कामकाज के तौर-तरीकों पर बड़े सवाल खड़े किए थे।

आम आदमी पार्टी की तरफ से साल 2027 के आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की गई थी, जिसके बाद ही पार्टी के भीतर यह भारी नाराजगी और असंतोष खुलकर सामने आ गया था। हरमीत सिंह पठानमाजरा की सनौर सीट पर रणजोध सिंह हडाना को और चेतन सिंह जौड़ामाजरा की समाना सीट पर पूर्व अकाली दल के नेता सुरजीत सिंह रखड़ा को विधानसभा क्षेत्र का नया प्रभारी नियुक्त किया गया था। पार्टी छोड़ने के बाद हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा ने पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने राज्य में नशे की गंभीर समस्या, बिगड़ती कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और दिल्ली के नेताओं द्वारा पंजाब सरकार के प्रशासनिक कामकाज में कथित अनुचित दखलंदाजी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए थे।

दूसरी ओर, इन दो विधायकों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा था कि वह पंजाब विधानसभा स्पीकर के पास जाकर हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा की विधानसभा सदस्यता को तुरंत रद्द करने की औपचारिक मांग करेगी। पार्टी का यह भी दावा था कि इन दोनों विधायकों को पहले ही अनुशासनात्मक और पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित किया जा चुका था, जिसके चलते उनकी राजनीतिक निष्ठा पर पहले ही सवाल उठ रहे थे।

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