पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सुरक्षा को लेकर उस समय हड़कंप मच गया जब मोहाली के फोर्टिस अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिली। मुख्यमंत्री वर्तमान में इसी अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण भर्ती हैं। 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' की ओर से भेजे गए एक धमकी भरे ईमेल में दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री को पोलोनियम नामक घातक रेडियोएक्टिव पदार्थ से संक्रमित किया गया है। 11 बजे अस्पताल में विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेरे में ले लिया है।
मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य और भर्ती होने का घटनाक्रम
मुख्यमंत्री भगवंत मान को सोमवार शाम करीब 5 बजे सांस लेने में तकलीफ होने के बाद मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में दोबारा भर्ती कराया गया था। इससे पहले रविवार को ब्लड प्रेशर बढ़ने की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था, जहां से सोमवार सुबह उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। डिस्चार्ज होने के बाद वे मोगा में आयोजित एक नशा विरोधी रैली में शामिल होने गए थे, लेकिन वहां तबीयत बिगड़ने पर उन्हें फिर से चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी। फिलहाल वे अस्पताल की पहली मंजिल पर उपचाराधीन हैं और डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
धमकी भरे ईमेल की सामग्री और दावे
हंटर फार्ले नामक आईडी से भेजे गए इस ईमेल में 'खालिस्तान नेशनल आर्मी' का नाम लिखा गया है और ईमेल में दावा किया गया है कि भाई दिलावर सिंह के वारिसों ने मुख्यमंत्री को पोलोनियम से संक्रमित किया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि वे बच गए तो उनका हश्र पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह जैसा किया जाएगा। ईमेल में खालिस्तान रेफरेंडम का जिक्र करते हुए इसे एनकाउंटर की घटनाओं का बदला बताया गया है। इसके साथ ही मोहाली के 16 स्कूलों को भी निशाना बनाने की बात कही गई है, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है।
अस्पताल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
धमकी मिलने के तुरंत बाद पंजाब पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। फोर्टिस अस्पताल के चारों तरफ सुरक्षा का कड़ा घेरा बनाया गया है और मुख्यमंत्री सुरक्षा (CM Security) ने अस्पताल की पहली मंजिल और आसपास के क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया है। मौके पर 5 बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squads) तैनात किए गए हैं जो गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं। अस्पताल के प्रवेश द्वारों पर एंटी-रॉयट टीमें तैनात की गई हैं और केवल पहचान पत्र दिखाने के बाद ही स्टाफ को अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है।
पोलोनियम-210 की घातकता और लक्षण
धमकी में जिस पोलोनियम-210 का जिक्र किया गया है, उसे दुनिया के सबसे खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थों में गिना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पदार्थ अल्फा विकिरण उत्सर्जित करता है और यदि यह शरीर के भीतर चला जाए तो डीएनए और आंतरिक अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचाता है। इसके शुरुआती लक्षणों में उल्टी और दस्त शामिल हैं। चिकित्सा विज्ञान में इसका कोई ज्ञात एंटीडोट उपलब्ध नहीं है, जिससे यह अत्यंत घातक हो जाता है। सुरक्षा एजेंसियां इस दावे की वैज्ञानिक संभावनाओं और ईमेल के स्रोत की जांच कर रही हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
मोहाली के एसपी दिलप्रीत सिंह के अनुसार, वर्तमान में मुख्यमंत्री को किसी अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने की कोई योजना नहीं है। पुलिस और सुरक्षा टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। हालांकि इससे पहले भी पंजाब के विभिन्न शहरों के स्कूलों को इस तरह की धमकियां मिल चुकी हैं जो बाद में अफवाह साबित हुई थीं, लेकिन मुख्यमंत्री की मौजूदगी के कारण इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। अस्पताल में सामान्य आवाजाही को नियंत्रित किया गया है और मरीजों को उनके वार्डों में ही रहने के निर्देश दिए गए हैं।