पटना। पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह (Raghuvansh Prasad Singh) का पार्थिव शरीर दिल्ली से इंडिगो की फ्लाइट से पटना एयरपोर्ट लाया गया है। इस दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(Nitish Kumar) ,उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी (Rabri Devi) समेत कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी। यही नहीं, रघुवंश बाबू को लेकर एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की।
आज होगा अंतिम संस्कार
रघुवंश प्रसाद सिंह को श्रद्धांजलि देने एयरपोर्ट पर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानन्द सिंह, पूर्व मंत्री बिहार आलोक मेहता सहित राजद के सैकड़ों कार्यकर्ता पहुंचे और उनके पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण किया। पटना एयरपोर्ट के बाद सिंह का पार्थिव शरीर बिहार विधानसभा परिसर में अंतिम दर्शन लाया गया है और फिर बाद में पटना स्थित उनके आवास 143 MLA कॉलोनी कौटिल्य नगर ले जाया जाएगा। जबकि कौटिल्य नगर में ही रात्रि ठहराव का कार्यक्रम है। इसके बाद सोमवार सुबह रघुवंश प्रसाद सिंह की शव यात्रा को वैशाली गढ़, माहनर, पन्नापुर और शाहपुर में घुमाया जाएगा। जबकि राजद नेता का अंतिम संस्कार सोमवार दोपहर उनके गांव मजलिसपुर में किया जाएगा।
सांस लेने में थी तकलीफ
Bihar: CM Nitish Kumar, Dy CM Sushil Modi & RJD leader Rabri Devi pay last respects to ex-Union Minister Raghuvansh Prasad Singh, as his mortal remains have been brought to legislative council & legislative assembly in Patna.
— ANI (@ANI) September 13, 2020
Raghuvansh Prasad Singh was admitted at AIIMS, Delhi. pic.twitter.com/Kf533DhYox
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के दिग्गज नेता रहे डॉ। रघुवंश प्रसाद सिंह का आज निधन हो गया। पिछले कई दिनों से रघुवंश सिंह की हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी। बताया जा रहा था कि उनको सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है। दिल्ली के एम्स में इलाजरत रघुवंश बाबू की निगरानी 4 डॉक्टर, ICU में कर रहे थे। रविवार सुबह रघुवंश बाबू के परिवारवालों ने बताया था कि वो अभी भी वेंटिलेटर पर ही हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। मालूम हो कि रघुवंश प्रसाद सिंह का इलाज 4 अगस्त से ही दिल्ली स्थित एम्स में चल रहा था और वो पिछले चार दिनों से वेंटिलेटर पर थे।
आरजेडी से दिया था इस्तीफा
मालूम हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने कुछ दिन पहले की आरजेडी से इस्तीफा था। दिल्ली एम्स में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह ने अपना इस्तीफा एक सामान्य पन्ने पर लिखकर भेजा था। इसमें उन्होंने आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को संबोधित करते हुए लिखा था कि जननायक कर्पूरी ठाकुर के निधन के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे-पीछे खड़ा रहा, लेकिन अब नहीं। पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आमजनों ने बड़ा स्नेह दिया। मुझे क्षमा करें
रघुवंश प्रसाद सिंह का परिवार
रघुवंश प्रसाद सिंह अपने दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई रघुराज सिंह का पहले ही देहांत हो गया है। रघुवंश प्रसाद सिंह की धर्मपत्नी जानकी देवी भी अब इस दुनिया में नहीं हैं। रघुवंश बाबू को दो बेटे और एक बेटी है। रघुवंश प्रसाद सिंह के परिवार से उनके अलावे कोई दूसरा सदस्य राजनीति में सक्रिय नहीं है। रघुवंश प्रसाद के दोनों बेटे इंजीनियरिंग की पढ़ाई करके नौकरी कर रहे हैं। बड़े बेटे सत्यप्रकाश दिल्ली में इंजीनियर हैं और वहीं नौकरी करते हैं जबकि उनका छोटा बेटा शशि शेखर भी पेशे से इंजीनियर है जो हांगकांग में नौकरी करते हैं। इसके अलावे जो एक बेटी है वो पत्रकार है और टीवी चैनल में काम करती हैं।
नहीं चाहते कि परिवार से कोई राजनीति में आए
जब न्यूज़ 18 ने रघुवंश प्रसाद सिंह से ये जानना चाहा था कि आखिर उनके अलावे परिवार के किसी दूसरे सदस्य ने राजनीति में कदम क्यों नहीं रखा तो रघुवंश बाबू बड़ी बेबाकी से कहते हैं कि आज जिस हालत में हम अभी पड़े हैं, अपने बच्चों को भी उसी में धकेल देते ये हरगिज सही नहीं होता। ये भी कोई भला जिंदगी है पूरे जीवन भर त्याग, त्याग और सिर्फ त्याग।