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'मैं खुश हूं, ये झटका जरूरी था', हार के बाद अब रवि शास्त्री ने क्यों दिया ऐसा बयान?

'मैं खुश हूं, ये झटका जरूरी था', हार के बाद अब रवि शास्त्री ने क्यों दिया ऐसा बयान?
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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में भारतीय क्रिकेट टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों की करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है। इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की यह पहली हार है, जिसने क्रिकेट जगत में हलचल पैदा कर दी है। इस हार के बाद टीम इंडिया के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज क्रिकेटर रवि शास्त्री ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। शास्त्री ने इस हार को टीम के लिए सकारात्मक बताते हुए कहा कि बड़े मैचों से पहले इस तरह का झटका लगना जरूरी था। उनके अनुसार, यह हार टीम को अपनी कमियों को पहचानने और उन्हें सुधारने का मौका देगी।

शास्त्री का 'वेक-अप कॉल' तर्क

आईसीसी रिव्यू शो पर चर्चा के दौरान रवि शास्त्री ने कहा कि वह इस हार से वास्तव में खुश हैं और शास्त्री के अनुसार, टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में इस तरह की हार मिलना बेहतर है, क्योंकि इससे टीम को सुपर-8 के आगामी दो मैचों के लिए अपनी योजनाओं को बेहतर ढंग से तैयार करने का समय मिल जाता है। उन्होंने तर्क दिया कि साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मिली यह हार भारत के लिए एक 'वेक-अप कॉल' की तरह काम करेगी। शास्त्री ने विश्वास जताया कि भारतीय टीम इस अनुभव से सीख लेगी और आने वाले मैचों में अधिक मजबूती और स्पष्ट रणनीति के साथ वापसी करेगी।

टीम संयोजन और अक्षर पटेल की भूमिका

टीम के प्लेइंग इलेवन और गेंदबाजी संयोजन पर बात करते हुए रवि शास्त्री ने अक्षर पटेल को टीम में शामिल करने की वकालत की। उन्होंने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव की अत्यधिक आवश्यकता होती है। शास्त्री ने सुझाव दिया कि यदि संभव हो, तो टीम को अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने पर विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प होने से टीम को उस स्थिति में सुरक्षा मिलती है जब किसी मुख्य गेंदबाज का दिन खराब हो। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच में वरुण चक्रवर्ती का प्रदर्शन प्रभावी नहीं रहा, जिसका खामियाजा टीम को भुगतना पड़ा।

अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प की आवश्यकता

रवि शास्त्री ने टी20 क्रिकेट के बदलते स्वरूप को देखते हुए टीम में गेंदबाजी की गहराई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि नंबर 8 तक बल्लेबाजी होने के बावजूद टीम बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पा रही है, तो इसका मतलब है कि टीम के संतुलन में कहीं न कहीं कमी है। शास्त्री के अनुसार, टीम को खुद को एक अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प देना चाहिए, जो वर्तमान परिस्थितियों में अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए टीम को कड़े फैसले लेने पड़ सकते हैं, जिसमें रिंकू सिंह जैसे खिलाड़ी को बाहर करना या उन्हें किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज की जगह शामिल करना शामिल हो सकता है।

सुपर-8 के आगामी मैचों की चुनौतियां

साउथ अफ्रीका से मिली इस हार के बाद अब टीम इंडिया के लिए सेमीफाइनल की राह चुनौतीपूर्ण हो गई है। सुपर-8 के ग्रुप में अब भारत को अपने बाकी बचे दोनों मैचों में अनिवार्य रूप से जीत दर्ज करनी होगी। शास्त्री के बयानों के बाद अब सभी की नजरें टीम प्रबंधन और कप्तान के फैसलों पर टिकी हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या टीम इंडिया अगले मैचों में अक्षर पटेल या वॉशिंगटन सुंदर को शामिल करके अपने गेंदबाजी आक्रमण को मजबूत करती है। शास्त्री का मानना है कि टीम को किसी भी स्थिति को हल्के में नहीं लेना चाहिए और अपनी रणनीतियों पर फिर से विचार करना चाहिए।

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