पीएम आवास के पास राहुल गांधी का प्रदर्शन, पेपर लीक पर मांगा इस्तीफा

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पीएम आवास के पास राहुल गांधी का प्रदर्शन, पेपर लीक पर मांगा इस्तीफा
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मॉनसून सत्र के दूसरे दिन देश की राजधानी में राजनीतिक सरगर्मी उस समय चरम पर पहुंच गई जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस के तमाम बड़े नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। इन सभी नेताओं की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि देश में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है और सरकार इस पर कोई ठोस कदम उठाने के बजाय जिम्मेदारी से बच रही है। प्रदर्शनकारियों ने संसद से पीएम आवास तक मार्च निकाला और वहां धरने पर बैठ गए।

प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी के आरोप

धरने के दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आज देश के युवाओं के लिए अवसरों के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से युवाओं के लिए भविष्य के रास्ते खुलते थे, लेकिन अब वह पूरी व्यवस्था भी बर्बाद हो चुकी है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों की शिकायतें सिर्फ शिक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके भविष्य से भी जुड़ी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों को लगता है कि शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह से कुछ बड़े कारोबारियों और एक संस्था का कब्जा हो गया है। उनके अनुसार, यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है और पूरे भारत में छात्र कह रहे हैं कि देश में उनका कोई भविष्य नहीं है।

सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा

धरने पर बैठने से पहले राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि कल युवा छात्रों के साथ हुई बर्बरता के बारे में जवाब मांगने के लिए हम प्रधानमंत्री मोदी के घर तक मार्च कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार न तो इसकी कोई जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस पर कोई बहस करना चाहती है। राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस देश में छात्र अपना भविष्य खो दें और मंत्री अपनी कुर्सी न खोएं, वहां न्याय की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी को दोनों सदनों में इस विषय पर अपनी बात रखनी चाहिए, लेकिन सरकार जिम्मेदारी लेने से कतरा रही है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की मुलाकात और प्रशासनिक हलचल

कांग्रेस के इस प्रदर्शन के करीब 1 घंटे बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद राहुल गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस दौरान केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी धरना स्थल पर मौजूद रहे। सरकार की ओर से स्थिति को संभालने की कोशिशें की गईं, लेकिन कांग्रेस नेता अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान एक अनोखा दृश्य तब देखने को मिला जब मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने सांकेतिक रूप से अपने हाथों में हथकड़ी लगाई। यह छात्रों की स्थिति और व्यवस्था की जकड़न को दर्शाने का एक प्रतीकात्मक तरीका था।

पुलिस की कार्रवाई और नेताओं की हिरासत

जैसे-जैसे प्रदर्शन आगे बढ़ा, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया और पुलिस अधिकारियों ने राहुल गांधी से धरना खत्म करने का अनुरोध किया और बातचीत की। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने धरना स्थल के पास 2 बसें खड़ी कर दी थीं। इस दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुखजिंदर सिंह रंधावा और चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बावजूद कांग्रेस नेता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। माना जा रहा है कि पुलिस सभी प्रदर्शनकारी नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाने की तैयारी में थी ताकि पीएम आवास के आसपास की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सामान्य किया जा सके।

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