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राहुल गांधी का बड़ा दावा: बोले 2024 चुनाव हम जीते, भाजपा को हराना अब आसान है

राहुल गांधी का बड़ा दावा: बोले 2024 चुनाव हम जीते, भाजपा को हराना अब आसान है
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद 8 जून को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गठबंधन के 25 दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस दौरान एक विस्तृत वक्तव्य दिया, जिसे उन्होंने बाद में सोशल मीडिया पर भी साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी की मुख्य भूमिका सभी सहयोगियों को प्रेम और स्नेह के साथ एक सूत्र में पिरोना है।

शिव के समान आलोचना का जहर पीने का संकल्प

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में एक पुरानी घटना का जिक्र किया जब उनकी एक मित्र से बहस हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके मित्र का मानना था कि दुनिया गलत है और इसकी आदत डाल लेनी चाहिए, लेकिन राहुल ने इसे स्वीकार नहीं किया और उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बारे में जो कुछ भी कहा जाता है, उसका जवाब देना उनका काम नहीं है। उन्होंने शैव परंपरा का उदाहरण देते हुए खुद को उस नीली गर्दन वाले शिव के समान बताया जो सारा जहर पी जाते हैं। उन्होंने सहयोगियों से कहा कि वे कांग्रेस या उनके बारे में जो भी बुराई करना चाहते हैं, वे उसे खुशी-खुशी और चेहरे पर मुस्कान के साथ स्वीकार करेंगे।

आरएसएस के खिलाफ प्रतिरोध आंदोलन के रूप में कांग्रेस

राहुल गांधी ने कांग्रेस की ऐतिहासिक पहचान पर जोर देते हुए कहा कि वह 2004 से सांसद हैं और पार्टी की संरचना को समझते हैं। उन्होंने कांग्रेस को एक रेजिस्टेंस मूवमेंट (प्रतिरोध आंदोलन) बताया जो आधुनिक भारत के बनने से पहले ही शुरू हो गया था। उन्होंने कहा कि अन्य राजनीतिक दलों के विपरीत, कांग्रेस का निर्माण भारतीय राज्य के बुनियादी ढांचे या सुरक्षा का उपयोग करके नहीं किया गया था और उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस विचार की रक्षा करती है कि सभी भारतीय समान हैं, जो आरएसएस के विजन के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "भाजपा या आरएसएस के साथ समझौता करने से पहले आपको हमारे सिर काटने पड़ेंगे।

संस्थाओं पर कब्जे और वोट चोरी का गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता ने गठबंधन के भीतर राजनीतिक उपकरणों के उपयोग को लेकर चल रहे भ्रम पर चिंता जताई। उन्होंने तर्क दिया कि पारंपरिक राजनीतिक तरीके तभी काम करते हैं जब राज्य एक निष्पक्ष मैदान प्रदान करे, जो अब मौजूद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब निम्नलिखित संस्थाओं को नियंत्रित करती है:

  • कानूनी प्रणाली (न्यायपालिका)
  • ब्यूरोक्रेसी (नौकरशाही)
  • इंटेलिजेंस एजेंसियां
  • चुनाव आयोग

राहुल गांधी ने चुनावों की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए और उन्होंने कहा कि टीएमसी जैसे सहयोगियों को अपनी जीत का भरोसा था, लेकिन उन्होंने गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा और महाराष्ट्र में जो देखा है, वह अलग है। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी को 90 प्रतिशत यकीन है कि उनका चुनाव चुराया गया था, जबकि उद्धव ठाकरे और तेजस्वी यादव को 40 प्रतिशत यकीन है। गांधी ने यहां तक कहा कि 100 प्रतिशत चुनाव चुराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके 10 मिलियन यूट्यूब फॉलोअर्स होने के बावजूद उनके अकाउंट को दबाया जा रहा है।

प्रतिरोध के मोड में जाने का आह्वान

राहुल गांधी ने दावा किया कि विपक्ष ने 2024 का पिछला चुनाव जीता था और वे हारे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जैसे नेताओं का जाना कांग्रेस की वजह से नहीं था। उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि भाजपा और आरएसएस राज्य पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं, इसलिए राजनीतिक संगठनों को प्रतिरोध आंदोलनों में बदलना होगा, जैसा कि 1927 में गांधी जी के नेतृत्व में हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रतिरोध एक भावना है, संगठन नहीं। उन्होंने गठबंधन से नीट (NEET) और सीबीएसई (CBSE) जैसे मुद्दों पर विरोध करने का आग्रह किया। उन्होंने अंत में विश्वास जताया कि यदि गठबंधन एकजुट होकर विरोध करे, तो भाजपा को हराना आसान है, क्योंकि जनता में भारी गुस्सा है।

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