Rajasthan Budget 2026-27: सीएम भजनलाल शर्मा ने विभिन्न वर्गों से मांगे सुझाव, डिप्टी सीएम ने केंद्र के सामने रखी प्राथमिकताए
Rajasthan Budget 2026-27 - सीएम भजनलाल शर्मा ने विभिन्न वर्गों से मांगे सुझाव, डिप्टी सीएम ने केंद्र के सामने रखी प्राथमिकताए
राजस्थान में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट को अधिक समावेशी और जन-केंद्रित बनाने। के उद्देश्य से विभिन्न वर्गों के साथ बजट-पूर्व संवाद शुरू किया है। इन बैठकों का मुख्य लक्ष्य प्रदेश के हर कोने से सुझावों को एकत्रित करना। है, ताकि बजट में समाज के सभी तबकों की आकांक्षाओं को शामिल किया जा सके।
मुख्यमंत्री का जन-संवाद कार्यक्रम
11 जनवरी को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सामाजिक क्षेत्र में रुचि रखने वाली छात्राओं के साथ बजट पूर्व संवाद किया और यह सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक चला, जिसमें छात्राओं को राज्य के वित्तीय नियोजन में अपनी राय रखने का अवसर मिला। इस पहल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नीति निर्माण प्रक्रिया में शामिल करना और उनके दृष्टिकोण को समझना था, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां सामाजिक विकास की आवश्यकता है और छात्राओं ने शिक्षा, महिला सुरक्षा और रोजगार के अवसरों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जो राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।
दोपहर 1 बजे से 2:30 बजे तक, मुख्यमंत्री कार्यालय में एनजीओ, सिविल सोसायटी और उपभोक्ता फोरम के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस संवाद में विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों और नागरिक समाज के सदस्यों। ने अपने अनुभव और जमीनी स्तर की चुनौतियों को साझा किया। उपभोक्ता फोरम के प्रतिनिधियों ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा और बाजार। में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों पर सुझाव दिए। इन चर्चाओं का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बजट केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रहे,। बल्कि समाज के उन वर्गों की आवाज़ भी सुने जो सीधे तौर पर विकास कार्यों में संलग्न हैं।किसानों, पशुपालकों और डेयरी संगठनों के साथ संवाद
दोपहर 3 बजे से 4:30 बजे तक, मुख्यमंत्री कार्यालय में किसानों, पशुपालकों और डेयरी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बजट पूर्व संवाद हुआ। यह सत्र राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण था। किसानों ने सिंचाई, फसल बीमा, न्यूनतम समर्थन मूल्य और कृषि ऋण से संबंधित मुद्दों पर अपनी चिंताएं और सुझाव प्रस्तुत किए। पशुपालकों और डेयरी संगठनों ने पशुधन विकास, चारागाह प्रबंधन और डेयरी उत्पादों के विपणन के लिए वित्तीय सहायता की मांग की और इन संवादों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रभावी नीतियां तैयार करना है।डिप्टी सीएम दिया कुमारी की केंद्रीय बजट बैठक में भागीदारी
इन राज्य-स्तरीय संवादों से एक दिन पहले, 10 जनवरी को, उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 की तैयारियों के लिए आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में भाग लिया। यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई थी। दिया कुमारी ने इस अवसर पर राजस्थान की विकासात्मक आवश्यकताओं और वित्तीय प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया। उन्होंने राज्य सरकार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विजन। और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई।केंद्र से प्रमुख योजनाओं के लिए फंड की मांग
उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता की मांग की और इनमें पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने और इसके लिए 5 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान की मांग प्रमुख थी। यह परियोजना राज्य के कई क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है और इसके अतिरिक्त, शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल संवहन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल करने और इसके लिए 200 करोड़ रुपये के प्रावधान का आग्रह भी किया गया। यह परियोजना शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई की समस्या का स्थायी समाधान प्रदान कर सकती है।सूक्ष्म सिंचाई और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना
दिया कुमारी ने राज्य में सूक्ष्म सिंचाई की व्यापक संभावनाओं पर भी जोर दिया और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना के अंतर्गत 900 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता की मांग की और यह योजना जल संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर राजस्थान जैसे जल-दुर्लभ राज्य के लिए। सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को बढ़ावा देने से पानी की बर्बादी कम होगी और किसानों को कम पानी में अधिक फसल उगाने में मदद मिलेगी। इन सभी मांगों का उद्देश्य राजस्थान के समग्र विकास को गति देना और केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है और मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ही राज्य के विकास के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी बजट तैयार करने में जुटे हुए हैं।