राजस्थान विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान शहरी विकास और आवास (UDH) विभाग की ओर से महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने प्रदेश के विभिन्न शहरों में सुनियोजित शहरी विकास और आमजन को किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नई आवासीय योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। सरकार के इन फैसलों का मुख्य केंद्र बिंदु मध्यम वर्ग को राहत देना और शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाना है और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इन योजनाओं को राज्य के प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है ताकि क्षेत्रीय असंतुलन को कम किया जा सके।
प्रमुख शहरों में नई आवासीय परियोजनाओं का विस्तार
मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने सदन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जयपुर के प्रताप नगर, उदयपुर, हनुमानगढ़, नागौर, बूंदी और किशनगढ़ जैसे शहरों में नई आवासीय योजनाएं शुरू करने जा रही है और इन योजनाओं का क्रियान्वयन राजस्थान आवासन मंडल और संबंधित विकास प्राधिकरणों के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य इन शहरों में बढ़ती आबादी के दबाव को कम करना और व्यवस्थित कॉलोनियों का निर्माण करना है। इन परियोजनाओं में सड़क, बिजली, पानी और पार्कों जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इन योजनाओं के लिए भूमि आवंटन और तकनीकी सर्वेक्षण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है ताकि समयबद्ध तरीके से आवंटन प्रक्रिया शुरू की जा सके।
राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी 2024 और वर्टिकल डेवलपमेंट
शहरी क्षेत्रों में अनियंत्रित विकास को रोकने के लिए 'राजस्थान टाउनशिप पॉलिसी 2024' को अंतिम रूप दे दिया गया है। इस नई नीति के तहत पूरे प्रदेश में शहरी विकास के नियम एक समान होंगे, जिससे प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी। सरकार अब 'वर्टिकल डेवलपमेंट' यानी बहुमंजिला इमारतों के निर्माण पर विशेष जोर दे रही है। इसका उद्देश्य सीमित भूमि संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना है। इसके अतिरिक्त, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) कॉरिडोर के क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों जैसे मेट्रो या बीआरटीएस के निकटवर्ती क्षेत्रों में उच्च घनत्व वाले निर्माण को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे नागरिकों को आवागमन में सुगमता हो सके।
सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण और धोखाधड़ी पर रोक
भू-माफियाओं और पट्टों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को समाप्त करने के लिए यूडीएच विभाग ने कड़े प्रशासनिक सुधारों की घोषणा की है। अब सहकारी समितियों का समस्त रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस कदम से पिछली तारीखों (बैक-डेट) में पट्टे जारी करने की अवैध प्रथा पर पूर्ण विराम लगने की संभावना है। मंत्री ने बताया कि विभाग अब 'ई-सुनवाई' की व्यवस्था शुरू कर रहा है, जिसके माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतों का निस्तारण घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से करवा सकेंगे। इससे सरकारी दफ्तरों में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
राइजिंग राजस्थान के तहत निवेश और ग्राउंड ब्रेकिंग
आर्थिक मोर्चे पर विभाग ने 'राइजिंग राजस्थान' शिखर सम्मेलन के माध्यम से प्राप्त निवेश प्रस्तावों की प्रगति रिपोर्ट साझा की है। 11 लाख करोड़ के निवेश के लिए सहमति पत्रों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से 405 परियोजनाओं पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है, जिसे 'ग्राउंड ब्रेकिंग' चरण कहा जाता है। वर्तमान में लगभग ₹37,000 करोड़ का निवेश वास्तविक रूप से क्रियान्वित किया जा चुका है। इन परियोजनाओं के माध्यम से शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसरों का सृजन होने की उम्मीद है।