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राजस्थान रोडवेज का बड़ा फैसला: परीक्षार्थियों को फ्री सफर के लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

राजस्थान रोडवेज का बड़ा फैसला: परीक्षार्थियों को फ्री सफर के लिए अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
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राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (राजस्थान रोडवेज) ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए दी जाने वाली निशुल्क और रियायती यात्रा सुविधा के नियमों में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया है और निगम द्वारा इस पूरी व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या गलत तरीके से लाभ उठाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से अब ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया गया है। इस नए नियम के लागू होने के बाद, अब कोई भी परीक्षार्थी बिना पूर्व ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं ले पाएगा।

यात्रा से 36 घंटे पहले पंजीकरण कराना होगा अनिवार्य

राजस्थान रोडवेज द्वारा जारी किए गए नए आदेशों के अनुसार, प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अब अपनी परीक्षा के लिए यात्रा शुरू करने से कम से कम 36 घंटे पहले निगम के आधिकारिक पंजीकरण पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज करना होगा। यह नियम उन सभी अभ्यर्थियों पर समान रूप से लागू होगा जो एक जिले से दूसरे जिले में परीक्षा देने जा रहे हैं या फिर उसी शहर के भीतर यात्रा कर रहे हैं। निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा के समय से 36 घंटे पहले यह पोर्टल स्वतः ही बंद हो जाएगा, जिसके बाद किसी भी नए अभ्यर्थी का पंजीकरण स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस समय सीमा का उद्देश्य डेटा को समय पर प्रोसेस करना है ताकि यात्रा के दौरान कोई तकनीकी समस्या न आए।

पंजीकरण की प्रक्रिया और एडमिट कार्ड का महत्व

डीडवाना डिपो के यातायात प्रबंधक सुजल महर्षि ने इस नई व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर एक विशेष प्रतियोगी परीक्षार्थी पंजीयन पोर्टल तैयार किया गया है। अभ्यर्थियों को इस पोर्टल पर जाकर अपनी परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक विवरण भरने होंगे। इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एडमिट कार्ड को पोर्टल पर अपलोड करना है, जिसके बिना पंजीकरण अधूरा माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा और प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण की प्रक्रिया मोबाइल पर प्राप्त होने वाले ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) सत्यापन के बाद ही पूरी होगी।

ईटीआईएम मशीन और मास्टर डेटाबेस से होगा सत्यापन

प्रबन्धक यातायात सुजल महर्षि ने आगे बताया कि इस नई प्रणाली को रोडवेज की टिकट मशीनों से जोड़ा गया है। जैसे ही कोई अभ्यर्थी पोर्टल पर अपना सफल पंजीकरण करता है, उसका रोल नंबर रोडवेज की ईटीआईएम (इलेक्ट्रॉनिक टिकट इश्यूइंग मशीन) के मास्टर डेटाबेस में स्वतः ही शामिल कर दिया जाएगा। जब अभ्यर्थी बस में यात्रा के लिए चढ़ेगा, तो परिचालक (कंडक्टर) ईटीआईएम मशीन में अभ्यर्थी द्वारा बताए गए रोल नंबर को दर्ज करेगा। मशीन इस रोल नंबर का मिलान अपने मास्टर डेटा से करेगी और यदि रोल नंबर वैध पाया जाता है और डेटाबेस में मौजूद होता है, तभी मशीन से प्रतियोगी परीक्षा श्रेणी का रियायती या निशुल्क टिकट जारी किया जाएगा। इस तकनीक के माध्यम से फर्जी टिकट बनवाने और गलत तरीके से रियायत लेने के मामलों पर पूरी तरह से लगाम लग सकेगी।

परीक्षार्थियों की प्रतिक्रिया और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने रोडवेज के इस डिजिटल कदम का स्वागत किया है। परीक्षार्थी तनवीर कुमार का कहना है कि निशुल्क यात्रा की व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह एक सराहनीय कदम है। हालांकि, इसके साथ ही परीक्षार्थियों ने एक महत्वपूर्ण मांग भी उठाई है। युवाओं का कहना है कि कई बार तकनीकी कारणों या किसी अपरिहार्य मजबूरी की वजह से अभ्यर्थी समय पर 36 घंटे पहले पंजीकरण नहीं कर पाते हैं। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए रोडवेज प्रशासन को कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी रखनी चाहिए ताकि वास्तविक परीक्षार्थी इस सुविधा से वंचित न रह जाएं।

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