विज्ञापन

भ्रष्टाचार पर नकेल: राजस्थान में वाहन चालान से अपील तक सब ऑनलाइन, नकद जुर्माना बंद

भ्रष्टाचार पर नकेल: राजस्थान में वाहन चालान से अपील तक सब ऑनलाइन, नकद जुर्माना बंद
विज्ञापन

जयपुर में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गजट नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत ट्रैफिक चालान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और पूरी तरह से डिजिटल बना दिया गया है और इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब वाहन चालान काटने, जुर्माने की राशि जमा करने और उसे चुनौती देने की पूरी प्रक्रिया केवल डिजिटल माध्यम से ही संपन्न की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से आम लोगों को सुविधा मिलेगी और यातायात व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

डिजिटल प्रक्रिया और पारदर्शिता

नई अधिसूचना के अनुसार, यातायात नियमों के उल्लंघन पर की जाने वाली पूरी कार्यवाही अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। इससे मौके पर की जाने वाली कार्यवाही की जिम्मेदारी स्पष्ट हो गई है और पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने में बड़ी मदद मिलेगी और अब नागरिकों को चालान से संबंधित किसी भी कार्य के लिए भौतिक रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता कम होगी, क्योंकि चालान काटने से लेकर अपील तक की सभी कड़ियाँ ऑनलाइन जोड़ दी गई हैं।

अधिकृत अधिकारी और प्रवर्तन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्यवाही के लिए कौन से अधिकारी अधिकृत होंगे। आदेश के मुताबिक, परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग के मोटर वाहन उप निरीक्षक (Motor Vehicle Sub-Inspector) या उससे ऊपर के अधिकारी इस कार्य के लिए पात्र होंगे। वहीं, राजस्थान पुलिस के हेड कांस्टेबल या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारियों को भी चालान काटने और कार्यवाही करने के लिए अधिकृत किया गया है।

ऑनलाइन पोर्टल और नकद लेनदेन की समाप्ति

नागरिकों की सुविधा के लिए सरकार ने विशिष्ट डिजिटल पोर्टल निर्धारित किए हैं। अब लोग अपने चालान को इंटरनेट के माध्यम से चुनौती दे सकेंगे। इसके लिए 'Parivahan eChallan Portal' और 'ITMS eChallan Portal' को अधिकृत किया गया है, जहाँ चालान से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी की जा सकेंगी। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि चालान की राशि जमा करने की व्यवस्था भी इन्हीं माध्यमों से अनिवार्य कर दी गई है, जिससे नकद लेनदेन पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार पर नकेल कसना और यातायात नियमों के प्रवर्तन में पारदर्शिता लाना है। डिजिटल माध्यमों के अनिवार्य उपयोग से अब हर चालान का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश कम होगी।

विज्ञापन