अभिनेता राजपाल यादव को ₹9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से 16 फरवरी 2026 को अंतरिम जमानत मिल गई है। 6 फरवरी को अदालत के आदेश पर सरेंडर करने के बाद अभिनेता ने 10 दिन तिहाड़ जेल में बिताए। अदालत ने उन्हें कुछ वित्तीय और प्रशासनिक शर्तों को पूरा करने के बाद यह राहत प्रदान की है। इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने स्पष्ट किया कि जमानत केवल अंतरिम अवधि के लिए है और मामले की अंतिम परिणति आगामी सुनवाइयों पर निर्भर करेगी।
जमानत की शर्तें और वित्तीय अनुपालन
अदालती कार्यवाही के दौरान राजपाल यादव को जमानत प्राप्त करने के लिए दो प्रमुख शर्तों का पालन करने का निर्देश दिया गया था। 5 करोड़ की राशि तत्काल जमा करानी थी। रिपोर्टों के अनुसार, अभिनेता ने दोपहर 3 बजे की समय सीमा से पहले ही यह राशि स्थानांतरित कर दी और इसके प्रमाण अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। दूसरी शर्त के तहत, अदालत ने राजपाल यादव को अपना पासपोर्ट सरेंडर करने का आदेश दिया है ताकि वे बिना अनुमति देश से बाहर न जा सकें। इन शर्तों के अनुपालन की पुष्टि होने के बाद ही हाई कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत मंजूर की।
₹9 करोड़ के कानूनी विवाद की पृष्ठभूमि
यह कानूनी विवाद साल 2010 में शुरू हुआ था जब राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली स्थित कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग ₹5 crore का ऋण लिया था। फिल्म 2012 में रिलीज हुई लेकिन बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके कारण अभिनेता ऋण चुकाने में असमर्थ रहे। समय के साथ ब्याज और कानूनी खर्चों के जुड़ने से यह बकाया राशि बढ़कर ₹9 crore तक पहुंच गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, भुगतान के लिए दिए गए सात चेक बैंक में बाउंस हो गए थे, जिसके बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।
पिछली सजाएं और न्यायिक इतिहास
राजपाल यादव का इस मामले में कानूनी इतिहास काफी लंबा रहा है। अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट अदालत ने उन्हें और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2018 में ही अदालत के आदेशों की अवहेलना और गलत हलफनामा पेश करने के कारण उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था, जहां उन्होंने लगभग तीन महीने बिताए थे। साल 2019 में सेशन कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था। हाल ही में 6 फरवरी 2026 को अदालत ने उन्हें फिर से सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद वे 10 दिनों से हिरासत में थे।
आगामी सुनवाई और पारिवारिक कार्यक्रम
अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 18 मार्च 2026 की तारीख तय की है। इस सुनवाई के दौरान राजपाल यादव को व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होना अनिवार्य होगा। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि शर्तों का उल्लंघन किया गया तो जमानत रद्द की जा सकती है। इसी बीच, अभिनेता के परिवार में 19 फरवरी को शाहजहांपुर में उनकी भतीजी की शादी का कार्यक्रम निर्धारित है। अंतरिम जमानत मिलने से उन्हें इस पारिवारिक समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा और शिकायतकर्ता पक्ष ने अभी भी पूरी बकाया राशि की वसूली के लिए अपनी दलीलें जारी रखी हैं।