दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़े एक पुराने मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को बड़ी राहत प्रदान की है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता की अंतरिम जमानत की अवधि को 1 अप्रैल 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है। न्यायमूर्ति की पीठ ने मामले की समीक्षा करते हुए टिप्पणी की कि राजपाल यादव के देश छोड़कर भागने या न्यायिक प्रक्रिया से बचने की कोई संभावना नहीं दिखती है। इसी आधार पर अदालत ने उनकी सजा पर रोक लगाने वाले अंतरिम आदेश को जारी रखने का निर्णय लिया है।
अदालती कार्यवाही और पिछला घटनाक्रम
राजपाल यादव को चेक बाउंस के इस मामले में पिछले महीने 5 फरवरी को अदालत के आदेश के बाद आत्मसमर्पण करना पड़ा था। आत्मसमर्पण के पश्चात उन्हें 13 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें अंतरिम जमानत मिली थी। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अभिनेता के वकील ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने अब नियमित जमानत के लिए याचिका दायर की है। इससे पहले अदालत ने उन्हें 18 मार्च तक की ही अंतरिम राहत दी थी, जिसे अब लंबी अवधि के लिए विस्तारित कर दिया गया है।
वित्तीय लेनदेन और भुगतान का विवरण
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से वित्तीय भुगतान के संबंध में महत्वपूर्ण आंकड़े पेश किए गए और 25 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, बुधवार को सुनवाई के दौरान ₹25 लाख का एक डिमांड ड्राफ्ट भी अदालत में प्रस्तुत किया गया। अदालत ने इन भुगतानों का संज्ञान लेते हुए कहा कि चूंकि अभिनेता ने पर्याप्त धनराशि का भुगतान कर दिया है, इसलिए उन्हें वर्तमान में दोबारा जेल भेजने की आवश्यकता नहीं है।
फिल्म निर्माण और ऋण पर अभिनेता का पक्ष
राजपाल यादव ने अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह शिकायतकर्ता के साथ हुए समझौते के कार्यान्वयन पर बहस करना चाहते हैं। अभिनेता ने दावा किया कि उनकी फिल्म 'अता पता लापता' के निर्माण में कुल ₹22 करोड़ की लागत आई थी, न कि केवल ₹5 करोड़। उन्होंने तर्क दिया कि ₹5 करोड़ के विवाद के कारण उनके द्वारा निवेश किए गए ₹17 करोड़ की अनदेखी की जा रही है। अभिनेता ने यह भी कहा कि वह पहले ही ₹2 करोड़ का भुगतान कर चुके हैं और शेष ₹8 करोड़ न दे पाने की स्थिति में उन्होंने पहले ही जेल की सजा काट ली थी।
कानूनी विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला साल 2010 से जुड़ा है जब राजपाल यादव ने अपनी फिल्म के निर्देशन के लिए दिल्ली के एक व्यवसायी से ऋण लिया था। 40 करोड़ का भुगतान करना था। साल 2018 में अभिनेता ने अपने एक मित्र की ₹28 करोड़ की संपत्ति के माध्यम से मामले को सुलझाने का प्रयास किया था। वर्तमान सुनवाई के दौरान अदालत ने अभिनेता को सलाह दी कि वह कार्यवाही के दौरान ऐसी कोई दलील न दें जो भविष्य में उनके कानूनी हितों के विरुद्ध जाए।
आगामी सुनवाई और प्रक्रिया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अब इस मामले की अगली विस्तृत सुनवाई के लिए 1 अप्रैल 2026 की तारीख निर्धारित की है। तब तक राजपाल यादव की अंतरिम जमानत प्रभावी रहेगी और उनकी सजा निलंबित रहेगी। अदालत ने दोनों पक्षों को अपने दस्तावेज और दलीलें तैयार रखने का निर्देश दिया है। अभिनेता की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि वे शिकायतकर्ता के साथ हुए एग्रीमेंट के कुछ बिंदुओं का विरोध करते हैं और उन पर कानूनी बहस करना चाहते हैं।