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रणवीर सिंह: धुरंधर की सफलता के बीच फिल्म सर्कस की विफलता

रणवीर सिंह: धुरंधर की सफलता के बीच फिल्म सर्कस की विफलता
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बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह वर्तमान में अपनी हालिया रिलीज 'धुरंधर 2' की व्यावसायिक सफलता का आनंद ले रहे हैं। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाई है। हालांकि, इस सफलता के बीच अभिनेता के करियर के उस दौर की चर्चा भी हो रही है जब उनकी एक बड़े बजट की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह विफल रही थी। साल 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'सर्कस' रणवीर सिंह के करियर के सबसे कठिन व्यावसायिक दौर में से एक मानी जाती है।

रणवीर सिंह ने साल 2010 में फिल्म 'बैंड बाजा बारात' से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। पिछले एक दशक में उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं और खुद को फिल्म उद्योग के सबसे महंगे अभिनेताओं की सूची में स्थापित किया है। वर्तमान में 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी के माध्यम से वे फिर से चर्चा में हैं, लेकिन चार साल पहले की स्थिति इसके ठीक विपरीत थी।

धुरंधर फ्रेंचाइजी की बॉक्स ऑफिस पर सफलता

आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म 'धुरंधर' ने दर्शकों के बीच महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। फिल्म का पहला भाग दिसंबर 2025 में प्रदर्शित किया गया था, जिसके बाद मार्च 2026 में इसके दूसरे भाग 'धुरंधर: द रिवेंज' ने सिनेमाघरों में दस्तक दी। व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, फिल्म के दोनों भागों को दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और इसने बॉक्स ऑफिस पर निरंतरता बनाए रखी है और इस सफलता ने रणवीर सिंह की बाजार स्थिति को पुनः सुदृढ़ किया है।

फिल्म सर्कस का व्यावसायिक प्रदर्शन और बजट

दिसंबर 2022 में रिलीज हुई फिल्म 'सर्कस' का निर्देशन रोहित शेट्टी ने किया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस फिल्म का निर्माण बजट लगभग ₹150 crore था। 64 crore का ही लाइफटाइम कलेक्शन कर सकी। बजट और कमाई के बीच के इस बड़े अंतर के कारण इसे फिल्म उद्योग में एक 'डिजास्टर' श्रेणी की फिल्म माना गया। फिल्म की विफलता ने उस समय रोहित शेट्टी और रणवीर सिंह की सफल जोड़ी पर भी सवाल खड़े किए थे।

फिल्म की कहानी और मुख्य कलाकार

फिल्म 'सर्कस' एक कॉमेडी-ड्रामा थी जिसमें रणवीर सिंह और वरुण शर्मा दोहरी भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म की कहानी दो जुड़वा बच्चों के जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती थी, जो जन्म के समय अलग हो जाते हैं और वर्षों बाद एक-दूसरे के सामने आते हैं। फिल्म में पूजा हेगड़े, जैकलीन फर्नांडीज, जॉनी लीवर और संजय मिश्रा जैसे अनुभवी कलाकारों की एक लंबी फौज शामिल थी और फिल्म का परिवेश 1960 के दशक के सर्कस और पुरानी दुनिया के आकर्षण पर आधारित था।

साहित्यिक स्रोत और रूपांतरण

यह फिल्म ऐतिहासिक रूप से विलियम शेक्सपियर के प्रसिद्ध नाटक 'द कॉमेडी ऑफ एरर्स' पर आधारित थी। इससे पहले 1963 में इसी विषय पर बंगाली फिल्म 'भ्रांति बिलाश' बन चुकी थी। हिंदी सिनेमा में भी इसी कहानी पर आधारित फिल्म 'अंगूर' को काफी सराहा गया था। हालांकि, 'सर्कस' के मामले में आधुनिक दर्शकों को यह रूपांतरण प्रभावित करने में विफल रहा। पटकथा और हास्य के स्तर पर फिल्म को समीक्षकों से भी ठंडी प्रतिक्रिया मिली थी।

बड़े सितारों के कैमियो का प्रभाव

फिल्म 'सर्कस' को सफल बनाने के लिए निर्माताओं ने इसमें बड़े सितारों के विशेष कैमियो भी शामिल किए थे। फिल्म के एक गाने में दीपिका पादुकोण रणवीर सिंह के साथ नजर आई थीं, वहीं फिल्म के अंत में अजय देवगन का 'गोलमाल' फ्रेंचाइजी से जुड़ा कैमियो भी रखा गया था और फिल्म उद्योग के जानकारों के अनुसार, इन बड़े नामों की मौजूदगी के बावजूद फिल्म की मूल कहानी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में असमर्थ रही। यह फिल्म इस बात का उदाहरण बनी कि केवल बड़े सितारों और कैमियो के दम पर फिल्म की सफलता सुनिश्चित नहीं की जा सकती।

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