रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की शादी: 4 दिसंबर को लखनऊ में सात फेरे लेंगे क्रिकेटर और सांसद

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रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की शादी: 4 दिसंबर को लखनऊ में सात फेरे लेंगे क्रिकेटर और सांसद
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भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज 4 दिसंबर को विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल शादी का आयोजन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रामाडा होटल में किया जाएगा। शादी की तारीख नजदीक आते ही दोनों परिवारों में उत्साह का माहौल है और समारोह की तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं। यह विवाह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन है, बल्कि यह क्रिकेट और राजनीति के दो बड़े क्षेत्रों का संगम भी है और रिंकू सिंह जहां भारतीय क्रिकेट टीम के एक चमकते सितारे हैं, वहीं प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक उभरता हुआ चेहरा हैं।

खेल और राजनीति का अनूठा संगम

रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं और उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के टी20 प्रारूप में अपनी एक मजबूत पहचान बनाई है। उनकी सादगी और खेल के प्रति समर्पण ने उन्हें करोड़ों प्रशंसकों का चहेता बना दिया है और वहीं, प्रिया सरोज समाजवादी पार्टी की एक युवा और सक्रिय सांसद हैं, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान रखती हैं। लखनऊ में होने वाले इस विवाह समारोह में खेल जगत और राजनीतिक गलियारों की कई दिग्गज हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस समारोह में दोनों परिवारों के करीबी रिश्तेदारों और मित्रों के साथ-साथ कई वीआईपी मेहमानों के पहुंचने की संभावना है।

सगाई से शादी तक का सफर

रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में संपन्न हुई थी। सगाई के करीब एक साल बाद अब शादी की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। दोनों की शादी के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय की गई है। इस शादी की सबसे खास बात यह है कि इसे आगामी चुनावों से पहले संपन्न करने की योजना बनाई गई है। आयोजन को इस तरह से व्यवस्थित किया जा रहा है कि इसमें सभी रिश्तेदार, मित्र और शुभचिंतक आसानी से शामिल हो सकें। प्रिया सरोज ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल अलग से कोई रिसेप्शन आयोजित करने की उनकी कोई योजना नहीं है, सारा ध्यान मुख्य विवाह समारोह पर ही है।

गांव में शादी की थी इच्छा

शादी के आयोजन को लेकर प्रिया सरोज की अपनी एक विशेष इच्छा थी। वह चाहती थीं कि उनका विवाह उनके पैतृक गांव में पारंपरिक तरीके से हो। प्रिया के अनुसार, उनके परिवार में अब तक की ज्यादातर शादियां गांव से ही हुई हैं और उन्होंने बचपन से ही गांव की शादियों का वह पारंपरिक माहौल देखा है। वह चाहती थीं कि उनकी शादी में भी वही मंडप, वही रिश्तेदार और गांव की वही सादगी हो। हालांकि, रिंकू सिंह और प्रिया सरोज दोनों की सार्वजनिक पहचान और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, अंततः शादी के लिए लखनऊ शहर को चुना गया।

लखनऊ को चुनने के पीछे का कारण

इस रिश्ते के लिए लखनऊ शहर कोई नया नहीं है। रिंकू और प्रिया की सगाई का कार्यक्रम भी इसी शहर में आयोजित किया गया था, जिसमें क्रिकेट और राजनीति दोनों क्षेत्रों के लोग शामिल हुए थे और ऐसे में शादी के लिए भी लखनऊ एक स्वाभाविक और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभरा। इसके अलावा, प्रिया सरोज का राजनीतिक कार्यक्षेत्र भी उत्तर प्रदेश है और वह समाजवादी पार्टी की सांसद के रूप में यहां सक्रिय हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव भी नजदीक हैं, इसलिए चुनावी गतिविधियों के तेज होने से पहले ही शादी के कार्यक्रमों को पूरा करने का निर्णय लिया गया है।

इंस्टाग्राम से शुरू हुई प्रेम कहानी

रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की जोड़ी की चर्चा इसलिए भी अधिक है क्योंकि दोनों का कार्यक्षेत्र एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है। रिंकू जहां एक साधारण परिवार से निकलकर क्रिकेट की ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं, वहीं प्रिया एक राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आती हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह रिश्ता किसी राजनीतिक कार्यक्रम या मैच के दौरान नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए शुरू हुआ था। प्रिया सरोज ने बताया कि उनकी बहन भोजन से जुड़ी सामग्री (फूड कंटेंट) बनाती थीं और अपने पेज के प्रचार के लिए उन्हें रिंकू सिंह से संपर्क करने का सुझाव मिला था और यहीं से प्रिया को पहली बार रिंकू की इंस्टाग्राम आईडी के बारे में पता चला।

परिवार की सहमति और चुनौतियां

शुरुआत में प्रिया किसी अनजान व्यक्ति से सीधे बात करने में झिझक रही थीं, इसलिए उन्होंने अपना फोन अपने भाई को दे दिया था। लगभग एक सप्ताह तक उनके भाई ही रिंकू से बातचीत करते रहे। रिंकू की ओर से क्रिकेटर नीतीश राणा भी इस बातचीत का हिस्सा बने रहे। धीरे-धीरे दोनों के बीच संवाद बढ़ा और परिवारों के बीच विश्वास कायम हुआ। प्रिया ने साझा किया कि उनके परिवार में इससे पहले कभी प्रेम विवाह नहीं हुआ था। उनके पिता तूफानी सरोज शुरुआत में इस रिश्ते को लेकर थोड़े असहज थे। परिवार चाहता था कि बेटी की शादी किसी ऐसे व्यक्ति से हो जो उच्च शिक्षित हो और जिसकी नौकरी स्थिर हो, जबकि रिंकू उस समय अपने क्रिकेट करियर को संवार रहे थे।

पांच छक्कों ने बदली किस्मत

रिंकू के करियर और परिवार की उम्मीदों के बीच शुरू में जो दूरी थी, उसे रिंकू की मेहनत ने पाट दिया। रिंकू सिंह के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ वह मैच रहा जिसमें उन्होंने लगातार 5 छक्के जड़कर अपनी टीम को जीत दिलाई थी। उस एक प्रदर्शन ने उन्हें रातों-रात पूरे देश में मशहूर कर दिया और उनके लिए भारतीय टीम के दरवाजे खुल गए और जैसे-जैसे रिंकू का कद क्रिकेट की दुनिया में बढ़ता गया, प्रिया के परिवार की सोच भी बदलती गई। रिंकू की सफलता और उनके व्यवहार ने अंततः दोनों परिवारों को इस रिश्ते के लिए राजी कर लिया।

'आरके' नाम के पीछे की परंपरा

इस रिश्ते से जुड़ी एक और रोचक बात यह है कि प्रिया सरोज, रिंकू को उनके नाम से नहीं बुलाती हैं। वह उन्हें 'आरके' कहकर संबोधित करती हैं। इसके पीछे उन्होंने पूर्वांचल की अपनी पारिवारिक परंपरा का हवाला दिया है। पूर्वांचल के कई हिस्सों में यह परंपरा आज भी निभाई जाती है कि पत्नी अपने पति का नाम सीधे तौर पर नहीं लेती है और इस तरह, यह जोड़ा आधुनिकता और परंपरा के एक सुंदर मेल को प्रदर्शित करता है। 4 दिसंबर को होने वाली यह शादी निश्चित रूप से उत्तर प्रदेश के सबसे चर्चित आयोजनों में से एक होगी।

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