Russia-Ukraine War: शनिवार तड़के रूसी सेना ने यूक्रेन के विभिन्न क्षेत्रों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूस ने 619 ड्रोन और 50 से अधिक बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का उपयोग कर भीषण हमला किया। इस हमले ने यूक्रेन के कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई, जिसमें बुनियादी ढांचे, आवासीय क्षेत्र और गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
यूक्रेन के नौ क्षेत्रों पर हमला
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बताया कि हमले निप्रॉपेट्रोस, मायकोलाइव, चेर्निहाइव, जापोरिजिया, पोल्टावा, कीव, ओडेसा, सुमी और खार्किव सहित नौ क्षेत्रों में हुए। उन्होंने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर एक बयान में कहा, "रूस का लक्ष्य हमारा बुनियादी ढांचा और नागरिक क्षेत्रों को नष्ट करना है। यह हमला सैन्य आवश्यकता से प्रेरित नहीं है, बल्कि नागरिकों को डराने और हमारे संसाधनों को कमजोर करने की रूसी रणनीति का हिस्सा है।"
जेलेंस्की ने बताया कि द्निप्रो शहर में एक बहुमंजिला इमारत पर क्लस्टर हथियारों से लैस मिसाइल से हमला किया गया, जिससे कई ऊंची इमारतें और मकान क्षतिग्रस्त हो गए। स्थानीय गवर्नर सेरही लिसाक ने बताया कि द्निप्रोपेट्रोव्स्क क्षेत्र में हुए हमले में कम से कम 26 लोग घायल हुए।
यूक्रेन की वायु रक्षा का जवाब
यूक्रेनी वायुसेना ने दावा किया कि उन्होंने रूस द्वारा दागे गए 619 ड्रोन में से 552, दो बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 क्रूज मिसाइलों को मार गिराया या निष्क्रिय कर दिया। यूक्रेनी सेना ने अपनी रक्षा प्रणाली की मजबूती का प्रदर्शन करते हुए कहा कि वे रूसी हमलों का मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप से मुलाकात
जेलेंस्की ने कहा कि वे अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही, यूक्रेन और अमेरिका की प्रथम महिलाओं के बीच बच्चों से संबंधित मानवीय मुद्दों पर अलग-अलग चर्चा होने की संभावना है। जेलेंस्की ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने की बात कही, ताकि रूस की आक्रामकता के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाया जा सके।
रूस का एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में उल्लंघन का आरोप
इसी बीच, रूस पर एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन का आरोप लगा है। एस्टोनियाई अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को तीन रूसी लड़ाकू विमान बिना अनुमति के उनके हवाई क्षेत्र में 12 मिनट तक मंडराते रहे। रूस के रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों से इनकार किया है। जवाब में, एस्टोनिया ने एक रूसी राजनयिक को तलब किया और नाटो के अनुच्छेद 4 के तहत सहयोगियों के साथ परामर्श शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इस अनुच्छेद में कहा गया है कि यदि किसी सदस्य देश की क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या सुरक्षा को खतरा होता है, तो नाटो सहयोगी विचार-विमर्श करेंगे।