विराट कोहली सचिन तेंदुलकर के 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के विश्व रिकॉर्ड से कितने दूर हैं, और इसे तोड़ने के लिए उन्हें कितनी सेंचुरी लगानी होंगी? आइए इस रोचक मुद्दे पर विस्तार से बात करते हैं।
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट का भगवान कहा जाता है, और इसका एक बड़ा कारण उनका वह अनोखा विश्व रिकॉर्ड है। उन्होंने अपने करियर में इंटरनेशनल क्रिकेट (टेस्ट + वनडे + टी20) में कुल 100 शतक लगाए थे। यह उपलब्धि साल 2012 में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच में शतक लगाकर पूरी हुई थी। तब से आज तक (जनवरी 2026 तक) यह रिकॉर्ड कोई नहीं तोड़ पाया है। सचिन ने 200 टेस्ट में 51 शतक और 463 वनडे में 49 शतक लगाए थे।
विराट कोहली पिछले कुछ सालों से शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से रिटायरमेंट ले लिया है, और अब उनका पूरा फोकस वनडे क्रिकेट पर है। जनवरी 2026 तक की लेटेस्ट जानकारी के अनुसार:
यह आंकड़ा उन्हें सचिन के रिकॉर्ड के सबसे करीब ले जाता है। विराट को सचिन के 100 शतकों के रिकॉर्ड को बराबर करने के लिए अभी 16 शतक और लगाने होंगे, और तोड़ने के लिए 17।
विराट ने 2008 में डेब्यू किया और तब से अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट में 28,000 से ज्यादा रन बना चुके हैं (लगभग 28,068 रन तक जनवरी 2026 में)। हाल ही में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में 93 रन बनाए, जो उनका लगातार पांचवां 50+ स्कोर था। इससे पहले साउथ अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्होंने लगातार दो शतक ठोके थे। 2025 में भी उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी और साउथ अफ्रीका सीरीज में कई शतक लगाए। उनकी फॉर्म देखकर लगता है कि वे अभी भी रन मशीन हैं।
यहां एक नजर डालिए टॉप लिस्ट पर:
विराट इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं और बाकी सभी से काफी आगे।
यह आसान नहीं होगा। वजहें ये हैं:
फिर भी, अगर विराट अपनी मौजूदा फॉर्म (जैसे साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ) को 2027 तक जारी रखते हैं, तो यह चमत्कार नहीं, बल्कि उनकी काबिलियत का सबूत होगा। कई पूर्व क्रिकेटर मानते हैं कि यह संभव है, लेकिन बहुत मेहनत और किस्मत चाहिए।
विराट कोहली पहले ही कई रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं, खासकर वनडे में। अगर वे सचिन के 100 शतकों को छू भी लेते हैं, तो यह क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा मुकाबला बन जाएगा। फिलहाल, विराट सचिन के 'हिमालय' जैसे रिकॉर्ड के सबसे करीब हैं। क्या 'किंग कोहली' 'भगवान सचिन' के इस कीर्तिमान को तोड़ पाएंगे? समय बताएगा, लेकिन उम्मीद जरूर बनी हुई है!