शेयर बाजार में पैसा लगाकर हर कोई जल्दी मुनाफा कमाना चाहता है। इसी लालच का फायदा उठाकर सोशल मीडिया पर कई लोग खुद को मार्केट एक्सपर्ट बताते हैं। अगर आप भी ऐसे ही किसी व्यक्ति के कहने पर शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, तो आपको तुरंत सावधान होने की जरूरत है। बाजार नियामक सेबी यानी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आम निवेशकों को साफ तौर पर आगाह किया है। उन्होंने बिना रजिस्ट्रेशन वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को निवेशकों की गाढ़ी कमाई के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। सेबी अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद से इन पर सख्त कार्रवाई करने जा रहा है।
मेंबरशिप के नाम पर चल रहा ठगी का बड़ा खेल
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात का खुलासा किया कि कैसे सोशल मीडिया के जरिए आम लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसे कई सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स हैं जिनका सेबी के पास कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। ये लोग सोशल मीडिया पर आम लोगों को प्रभावित करते हैं और फिर उन्हें अपने ग्रुप या खास मेंबरशिप से जुड़ने का झांसा देते हैं। इस मेंबरशिप के बदले लोगों से मोटा पैसा वसूला जाता है। सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि निवेशकों से जो पैसा लिया जाता है, वो असल में शेयर बाजार में निवेश ही नहीं होता है और यानी निवेशक जिन टिप्स या निवेश के भरोसे अपना पैसा देते हैं, वो बाजार तक पहुंचता ही नहीं और लोग आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं।
सस्ते पेनी स्टॉक्स भी निवेशकों के लिए बड़ा खतरा
सिर्फ सोशल मीडिया के फर्जी एक्सपर्ट ही नहीं, बल्कि सेबी चेयरमैन ने सस्ते शेयरों यानी पेनी स्टॉक्स को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी है और अक्सर छोटे निवेशक कम कीमत वाले पेनी स्टॉक्स के पीछे भागते हैं और बिना सोचे-समझे निवेश कर देते हैं। तुहिन कांत पांडे ने साफ कहा कि पेनी स्टॉक्स निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ा जोखिम हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ये है कि शेयर बाजार में लिस्टेड ऐसी कई कंपनियां हैं, जिनमें सालों से कोई कामकाज ही नहीं हो रहा है। कंपनी का धंधा सालों से बंद पड़ा है, फिर भी उनके शेयर बाजार में मौजूद हैं। ऐसे शेयरों में पैसा लगाना निवेशकों के लिए सीधा नुकसान का सौदा साबित हो सकता है और उनकी पूरी पूंजी डूब सकती है।
तेज होगी रेगुलेटरी प्रक्रिया और सख्त होंगे नियम
बंद पड़ी कंपनियों के शेयरों से निवेशकों को बचाने के लिए अब नियमों में और अधिक सख्ती की तैयारी चल रही है। सेबी चेयरमैन ने माना कि इस मामले में रेगुलेटरी प्रक्रिया को और ज्यादा सख्त करने की सख्त जरूरत है। इसके साथ ही कार्रवाई की इस प्रक्रिया को तेज भी करना होगा, ताकि सालों से बिना कामकाज के लिस्टेड कंपनियों पर समय रहते लगाम कसी जा सके। सेबी अब अपनी इस पूरी प्रक्रिया को पहले से काफी तेज कर रहा है ताकि बाजार में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी निवेशक को भारी नुकसान का सामना न करना पड़े।
एआई की मदद से सेबी कसेगा फर्जी इन्फ्लुएंसर्स पर शिकंजा
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सेबी ने अब आधुनिक तकनीक का पूरी तरह से सहारा लेने का फैसला किया है। चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी रखने के लिए सेबी सख्त नियम ला रहा है। इस काम को तेजी से पूरा करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की मदद ली जा रही है। एआई के जरिए सेबी उन सभी गैर-पंजीकृत इन्फ्लुएंसर्स को आसानी से ट्रैक कर सकेगा, जो बिना अनुमति के लोगों से मेंबरशिप के नाम पर अवैध रूप से पैसा ले रहे हैं। सेबी के इस कदम से आने वाले दिनों में फर्जी सलाह देने वालों का रास्ता पूरी तरह बंद हो जाएगा और निवेशकों के हितों की बेहतर सुरक्षा हो सकेगी।