उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक बहुत ही बड़ी खुशखबरी सामने आई है और देश के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी के एक कार्यक्रम के दौरान शिरकत करते हुए राज्य में बहुत जल्द एक हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन का उत्तरी कॉरिडोर बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा की है। उन्होंने इस कार्यक्रम के दौरान विस्तार से जानकारी दी है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के जरिए उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच का सफर अब मिनटों में सिमटकर रह जाएगा। इस नए और क्रांतिकारी प्रोजेक्ट के तहत देश की राजधानी दिल्ली से असम के गुवाहाटी तक एक नया और आधुनिक कॉरिडोर बनकर तैयार होने जा रहा है, जो पूरे उत्तर भारत की परिवहन व्यवस्था और यात्रा के तरीकों को पूरी तरह से बदलकर रख देगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अत्याधुनिक बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज यानी फ्लाइट से भी काफी कम होगा, जिससे यह आम जनता की पहुंच में होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बहुत जल्द उत्तर प्रदेश को एक शानदार बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट मिलने वाला है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर यानी उत्तरी कॉरिडोर को अपनी मंजूरी दे दी है। यह नॉर्दर्न कॉरिडोर देश की राजधानी दिल्ली से शुरू होगा और फिर आगे बढ़ते हुए आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा। इसके पश्चात यह रूट आगे वाराणसी, पटना और अंत में असम के गुवाहाटी शहर तक जाएगा। आने वाले कुछ वर्षों में इस विशाल नॉर्दर्न कॉरिडोर का काम पूरी तरह से पूरा हो जाएगा और जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के सफर के समय और दूरी को लेकर रेल मंत्री ने बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने एक अनूठे अंदाज में कहा कि अब लोग आसानी से कह सकेंगे कि दिल्ली में काम करें और कानपुर में आकर लड्डू खाएं। रेल मंत्री ने बताया कि दिल्ली से आगरा जाने में केवल 59 मिनट का समय लगेगा। यानी एक घंटे से भी एक मिनट कम के समय में यह लंबी दूरी पूरी कर ली जाएगी। वहीं दूसरी ओर, यात्री दिल्ली से कानपुर मात्र 1 घंटे 45 मिनट में ही पहुंच सकेंगे।
अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आप दिल्ली से अपनी यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं, कानपुर पहुंचकर वहां के प्रसिद्ध ठग्गू के लड्डू का आनंद उठा सकते हैं और वापस दिल्ली लौटकर अपना काम फिर से सुचारू रूप से शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, देश की राजधानी दिल्ली से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की दूरी मात्र 2 घंटे 12 मिनट में तय की जा सकेगी, जो देश के दो प्रमुख राजनीतिक और प्रशासनिक राजधानियों को आपस में जोड़ेगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ऐतिहासिक शहर काशी यानी वाराणसी से लखनऊ की दूरी मात्र 1 घंटे 21 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के लाखों-करोड़ों लोगों को बहुत बड़ा और ऐतिहासिक फायदा मिलने वाला है।
रेल मंत्री ने आगे आंकड़े साझा करते हुए बताया कि काशी से बिहार की राजधानी पटना तक का सफर सिर्फ एक घंटे में ही पूरा किया जा सकेगा। इसके साथ ही, दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में कुल 3 घंटे 33 मिनट का समय लगेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब देश के आम नागरिकों को दिल्ली से काशी जाने के लिए किसी भी फ्लाइट यानी हवाई जहाज लेने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि यह बुलेट ट्रेन सेवा हवाई यात्रा से भी अधिक सुविधाजनक और समय बचाने वाली साबित होगी।
अश्विनी वैष्णव ने अंत में कहा कि इस नई हाई-स्पीड रेल सेवा से उत्तर प्रदेश, बिहार और यहां तक कि सुदूर पूर्व के राज्य गुवाहाटी के लिए एक अत्यंत व्यापक और मजबूत कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार होगा। यह प्रोजेक्ट देश की आम जनता, मध्यम वर्ग के परिवारों, देश के ऊर्जावान युवाओं और विशेष रूप से काम-काज, उच्च शिक्षा या बेहतर इलाज के सिलसिले में यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को परिवहन का एक बेहद सस्ता, सुरक्षित और सुलभ साधन उपलब्ध कराएगा। इससे देश के एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करना बहुत ही आसान हो जाएगा और क्षेत्रीय विकास को एक नई गति मिलेगी।