अभिनेत्री शनाया कपूर ने अपनी नवीनतम फिल्म 'तू या मैं' की रिलीज के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत और भावुक नोट साझा किया है। इस फिल्म में उन्होंने अभिनेता आदर्श गौरव के साथ मुख्य भूमिका निभाई है। शनाया ने अपने पोस्ट में फिल्म निर्माण की प्रक्रिया, अपने सह-कलाकारों के साथ संबंधों और फिल्म उद्योग में अपने अब तक के सफर के बारे में विस्तार से बात की है। उन्होंने विशेष रूप से उन चुनौतियों का उल्लेख किया है जिनका सामना उन्हें अपने करियर की शुरुआत में करना पड़ा था।
करियर के शुरुआती संघर्ष और 'तू या मैं' का महत्व
शनाया कपूर का बॉलीवुड डेब्यू अन्य स्टार किड्स की तुलना में काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। उनकी पहली नियोजित फिल्म 'बेधड़क', जिसमें वे लक्ष्य के साथ नजर आने वाली थीं, किन्हीं कारणों से रुक गई थी और इस घटना के कारण उनके करियर की शुरुआत में लगभग तीन साल की देरी हुई। इसके बाद जब उन्होंने 'आंखों की गुस्ताखियां' से अपना डेब्यू किया, तो फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिली। हालांकि, इस वैलेंटाइन के अवसर पर रिलीज हुई 'तू या मैं' ने उनके करियर को एक नई दिशा दी है और दर्शकों से मिल रहे सकारात्मक फीडबैक के बाद शनाया ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।
किरदार 'अवनि' और आत्मविश्वास की बहाली
शनाया कपूर ने अपने पोस्ट में स्वीकार किया कि 'तू या मैं' उनके जीवन में उस समय आई जब वे स्वयं पर विश्वास की कमी महसूस कर रही थीं और उन्होंने लिखा कि इस फिल्म ने उन्हें वह सब कुछ दिया जिसकी उन्हें उस समय आवश्यकता थी। फिल्म में उनके द्वारा निभाए गए किरदार 'अवनि' के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया है और शनाया के अनुसार, अवनि के किरदार ने उन्हें एक 'बैडऐस' व्यक्तित्व अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने फिल्म के दृश्यों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे उनका किरदार विभिन्न चुनौतियों का सामना करता है, जिसने उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर भी मजबूत बनाया है।
निर्देशक और निर्माता के प्रति व्यक्त किया आभार
शनाया ने फिल्म के निर्देशक बिजॉय नांबियार और निर्माता आनंद एल राय के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया। निर्देशक बिजॉय नांबियार को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा कि अवनि के किरदार को जीवंत करने और उन पर भरोसा करने के लिए वे हमेशा आभारी रहेंगी। उन्होंने कहा कि नांबियार ने उन्हें खुद का सर्वश्रेष्ठ संस्करण बनने के लिए प्रेरित किया। वहीं, निर्माता आनंद एल राय के बारे में शनाया ने कहा कि उन्होंने एक ऐसी कहानी का समर्थन किया जो एक पारंपरिक विकल्प नहीं थी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राय ने एक नए अभिनेता को मौका दिया, जिसे एक जटिल और स्तरित किरदार निभाना था, जिसके लिए वे उनकी ऋणी हैं।
सह-कलाकार आदर्श गौरव के साथ काम करने का अनुभव
फिल्म में अपने सह-कलाकार आदर्श गौरव के बारे में बात करते हुए शनाया ने उनकी प्रतिभा की जमकर सराहना की। उन्होंने आदर्श के साथ अपनी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और सेट पर बिताए गए समय को याद किया। शनाया ने आदर्श गौरव को 'सर्वश्रेष्ठ' बताते हुए उनके अभिनय कौशल की प्रशंसा की। उन्होंने लिखा कि आदर्श ने सेट पर पहले दिन से ही उन्हें सहज महसूस कराया, जिससे उन्हें अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद मिली। शनाया ने पूरी कास्ट और क्रू को उन रातों के लिए धन्यवाद दिया जो काम करते हुए सुबह में बदल गईं, और इस पूरी यात्रा को एक 'वाइल्ड राइड' करार दिया।