विज्ञापन

सीकर में एसीबी की कार्रवाई: 13 लाख की रिश्वत लेते ईडी हेड कांस्टेबल गिरफ्तार

सीकर में एसीबी की कार्रवाई: 13 लाख की रिश्वत लेते ईडी हेड कांस्टेबल गिरफ्तार
विज्ञापन

राजस्थान के सीकर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के एक वरिष्ठ अधिकारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। जयपुर एसीबी की टीम ने चंडीगढ़ स्थित ईडी कार्यालय में तैनात सीनियर हेड कांस्टेबल उत्तम पांडे को 13 लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। यह कार्रवाई सीकर शहर के कल्याण सर्किल के पास स्थित एक होटल में की गई।

मामले की पृष्ठभूमि और रिश्वत की मांग

एसीबी के अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा मामला क्यूएफएक्स (QFX) नामक एक कंपनी में निवेश और उससे जुड़े मोहम्मद शकील नाम के एक संदिग्ध व्यक्ति से संबंधित है और इस मामले की जांच चंडीगढ़ ईडी द्वारा की जा रही है, जिसके जांच अधिकारी असिस्टेंट डायरेक्टर अतुल गुप्ता हैं। आरोपी उत्तम पांडे इसी मामले में समन की तामील कराने के लिए सीकर आया था। परिवादी ने 30 दिसंबर को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी उसे इस मामले में आरोपी नहीं बनाने के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा है।

रिश्वत राशि के लिए सौदेबाजी

एसीबी की जांच में सामने आया कि सीनियर हेड कांस्टेबल उत्तम पांडे ने शुरुआत में परिवादी से 20 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। लगातार बातचीत के बाद यह राशि घटकर 18 लाख रुपये और अंततः 15 लाख रुपये पर तय हुई। आरोपी ने परिवादी पर दबाव बनाया कि यदि वह पैसे नहीं देता है, तो उसे जांच के दायरे में लाकर आरोपी बना दिया जाएगा। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय तरीके से मामले का सत्यापन शुरू किया।

एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी

एसीबी के डीएसपी विजय सिंह के नेतृत्व और डीआईजी अनिल कयाल की निगरानी में ट्रैप की योजना बनाई गई। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई, जिसमें मोबाइल और व्हाट्सएप कॉल की रिकॉर्डिंग भी शामिल थी। योजना के अनुसार, जब आरोपी उत्तम पांडे सीकर के कल्याण सर्किल स्थित अशोका होटल में परिवादी से 13 लाख रुपये की पहली किस्त लेने पहुंचा, तो पहले से तैयार एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

साक्ष्यों का सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया

एसीबी की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली है। जांच अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के दौरान आरोपी ने परिवादी के परिवार से चार-पांच बार संपर्क किया था। इन वार्तालापों के तकनीकी साक्ष्य और रिकॉर्डिंग एसीबी ने अपने कब्जे में ले लिए हैं और फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस भ्रष्टाचार के मामले में क्या अन्य अधिकारी भी संलिप्त हैं।

विज्ञापन