सितंबर का आधा से अधिक समय बीत चुका है और अब मानसून की उमस भरी गर्मी के धीरे-धीरे कम होने का वक्त आ गया है। आमतौर पर इस समय तक हर साल सुबह के समय खेतों और सड़कों पर धुंध दिखाई देने लगती है और घास पर ओस की बूंदें नजर आने लगती हैं। ऐसे में अगर यह कहा जाए कि सर्दियां दस्तक दे रही हैं तो यह बिल्कुल गलत नहीं होगा। हालांकि इस बार मौसम विभाग ने अल-नीनो प्रभाव के चलते सर्दियों के देर से आने की भविष्यवाणी की थी लेकिन कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अचानक हुई बर्फबारी मौसम विभाग के इस अनुमान को झुठला सकती है। इसके चलते मैदानी इलाकों में सर्दियां उम्मीद से जल्दी दस्तक दे सकती हैं।
पहाड़ों की बर्फबारी और मैदानी इलाकों के लिए संदेश
पहाड़ों पर हुई इस ताजा बर्फबारी ने मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को यह संदेश दे दिया है कि अगर आपने अभी तक अपने घर के भारी कंबल, रजाई और गर्म कपड़े बक्सों से बाहर नहीं निकाले हैं तो अब इसके लिए सही वक्त आ गया है और पहाड़ी राज्यों में मौसम ने पूरी तरह से करवट बदल ली है। कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो चुका है। पहाड़ों पर बर्फ गिरने से वहां तो ठंड काफी बढ़ गई है साथ ही वहां से आने वाली बर्फीली हवाएं जल्द ही मैदानी इलाकों की उमस भरी गर्मी से राहत दिलाएंगी और यह उस गुलाबी ठंड की शुरुआत होगी जिसे हम अक्सर दीपावली के आसपास महसूस करते हैं लेकिन इस साल यह समय से पहले आती दिख रही है।
हिमाचल के रोहतांग दर्रे पर मौसम की पहली बर्फबारी
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रे पर इस मौसम की पहली ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है जिससे वहां की ऊंची चोटियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। मनाली से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर और 13058 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा लाहुल और स्पीति घाटी को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता है। मौसम के इस बड़े बदलाव के बाद अगर आप रोहतांग की तरफ जाने की योजना बना रहे हैं तो अपनी यात्रा को सुरक्षित रखें। पहाड़ों पर निकलने से पहले स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी की गई रोड एडवाइजरी की जानकारी लेना बेहद जरूरी है क्योंकि बर्फबारी के बाद रास्ते खतरनाक हो सकते हैं।
हेमकुंड साहिब में बर्फ की सफेद चादर
उत्तराखंड में 15000 फीट की ऊंचाई पर स्थित पवित्र तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब में आज इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। गुरुवार की सुबह से ही इस पूरे इलाके में बारिश के साथ-साथ ताजा बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। अचानक बदले इस मौसम के बाद पूरा हेमकुंड साहिब बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। पहाड़ों पर बिखरी बर्फ की इस खूबसूरती ने यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है और यह मनमोहक नजारा तीर्थयात्रियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया है जो इस कड़ाके की ठंड में भी दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
कश्मीर घाटी के पहाड़ों पर बिछी बर्फ
कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में बृहस्पतिवार को इस मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई और प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग के अफरवात और गोंडोला फेज 2 की पहाड़ियों पर रात के समय बर्फ गिरी। इसके अलावा बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर, तुलैल घाटी और काबुली गली में भी ताजा बर्फबारी से पहाड़ियां सफेद चादर में ढक गई हैं। ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी के साथ ही घाटी के मैदानी इलाकों में रातभर हल्की से मध्यम बारिश हुई है। लगातार हुई इस बारिश और बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट आई है जिससे पूरे इलाके में ठंड काफी बढ़ गई है और सर्दियों का अहसास होने लगा है।