सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, दिल्ली में नीट विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम

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सोनम वांगचुक की हालत स्थिर, दिल्ली में नीट विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा के कड़े इंतजाम
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सोनम वांगचुक का वीएमएमसी (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल में पूरा मेडिकल इलाज चल रहा है। अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा दी गई ताजा जानकारी के अनुसार, उनके जरूरी हेल्थ पैरामीटर फिलहाल स्थिर बने हुए हैं। हालांकि, उनकी स्थिति पर विशेषज्ञों की एक मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम द्वारा लगातार और बारीकी से निगरानी रखी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी वर्तमान स्थिति को देखते हुए लगातार मेडिकल मदद और बिना किसी रुकावट के क्लिनिकल निगरानी की अत्यंत आवश्यकता है ताकि उनके स्वास्थ्य में किसी भी तरह की गिरावट को रोका जा सके।

चिकित्सा निगरानी और विशेषज्ञों की टीम

वीएमएमसी और सफदरजंग अस्पताल के साथ-साथ एम्स (AIIMS), नई दिल्ली की इलाज करने वाली टीमों द्वारा किए गए क्लिनिकल असेसमेंट के आधार पर यह निर्णय लिया गया है कि सोनम वांगचुक को निरंतर डॉक्टरी देखरेख में रखा जाए। विशेषज्ञों की टीम किसी भी संभावित जटिलता का जल्द पता लगाने और समय पर उचित इलाज सुनिश्चित करने के लिए उनके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। विशेष रूप से उनके ब्लड पैरामीटर पर लगातार और बारीकी से मेडिकल निगरानी की जरूरत बनी हुई है। वांगचुक को वह सभी जरूरी मेडिकल देखभाल प्रदान की जा रही है जो उनकी स्थिति के लिए आवश्यक है।

जंतर-मंतर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को काफी कड़ा कर दिया गया है। 20 जुलाई को सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जमा होने के बाद, दिल्ली पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सभी 14 जिलों को एक जरूरी संदेश भेजा। इस निर्देश के तहत हर जिले से तुरंत एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP) रैंक के अधिकारी और 100 पुलिसकर्मियों को उस इलाके में तैनात करने के लिए कहा गया। यह कदम सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए उठाया गया है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।

सुरक्षा जोन और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती

नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिले में पहले से ही पैरामिलिट्री फोर्स की 32 कंपनियां तैनात थीं, जिनमें 2000 से ज्यादा जवान शामिल थे। सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे जिले को 12 जोन में बांटा गया था। सोमवार सुबह संसद तक ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के मार्च से पहले जंतर-मंतर के आस-पास के पूरे इलाके को एक किले में तब्दील कर दिया गया है और पुलिस ने किसी भी प्रदर्शनकारी को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश न करने देने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं।

CJP का प्रदर्शन और पुलिस के साथ झड़प

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) मेडिकल कॉलेजों के लिए होने वाले नेशनल एंट्रेंस टेस्ट (NEET) में कथित गड़बड़ियों और प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में विरोध-प्रदर्शन कर रही है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, CJP समर्थकों और पुलिस के बीच उनके प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च से पहले तीखी झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए ‘लाठी-चार्ज’ का सहारा लिया। इससे पहले, जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को शनिवार को पुलिस ने उनकी सेहत का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती कराया था। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि संसद की ओर मार्च करने की किसी भी कोशिश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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