स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर गोलीबारी और तनाव
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की खबर सामने आई है। समुद्री सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह गोलीबारी इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के गनबोट्स द्वारा की गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की चेतावनी दी है। उल्लेखनीय है कि इस हमले से ठीक पहले आठ तेल टैंकरों का एक बड़ा काफिला इसी रास्ते से सुरक्षित गुजरा था। पिछले सात हफ्तों के दौरान जहाजों के साथ हुई यह पहली बड़ी हिंसक घटना है, जिसने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्ग पर सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
मुज्तबा खामेनई की अमेरिका और इजराइल को सख्त चेतावनी
ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनई ने अमेरिका को कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है। उन्होंने देश की सैन्य क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि जिस प्रकार ईरान के ड्रोन अमेरिका और इजराइल पर सटीक और तेज हमले करने में सक्षम हैं, उसी तरह ईरानी नौसेना भी अपने दुश्मनों को नई और करारी शिकस्त देने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुज्तबा का यह बयान उस समय आया है जब ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के महज एक दिन बाद ही दोबारा बंद करने का निर्णय लिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह कदम अमेरिका द्वारा की गई नाकेबंदी के विरोध में उठाया गया है।
सीजफायर की समाप्ति और डोनाल्ड ट्रंप का अल्टीमेटम
इन ताजा घटनाओं के बाद अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर टूटने की कगार पर नजर आ रहा है और दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को दो सप्ताह के लिए युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसकी समय सीमा 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति को और गंभीर बनाते हुए कहा है कि यदि ईरान के साथ बुधवार तक कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है और ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मौजूदा सीजफायर को आगे बढ़ाया भी जा सकता है और इसे पूरी तरह खत्म भी किया जा सकता है।
ईरान के अमेरिका पर गंभीर आरोप और समुद्री डकैती का दावा
ईरान ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन और समुद्री डकैती के गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान की सेना ने शनिवार को घोषणा की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अब फिर से सख्त नियंत्रण लागू कर दिया गया है और ईरान का तर्क है कि अमेरिका ने बार-बार नियमों को तोड़ा है और नाकाबंदी की आड़ में गलत गतिविधियों को अंजाम दिया है। इससे पहले, ईरान ने इजराइल और लेबनान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता से हुए 10 दिवसीय सीजफायर के बाद इस रास्ते को कुछ समय के लिए खोलने की बात कही थी, लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है।
डोनाल्ड ट्रंप का 'अच्छी खबर' वाला रहस्यमयी बयान
तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में कुछ सकारात्मक संकेत भी दिए हैं, हालांकि उन्होंने विवरण साझा नहीं किया। एयरफोर्स वन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमें 20 मिनट पहले कुछ अच्छी खबर मिली है। ऐसा लगता है कि मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ स्थिति काफी अच्छी चल रही है। आपको इसके बारे में जल्द ही पता चलेगा। मुझे लगता है कि ऐसा होना चाहिए और मुझे विश्वास है कि ऐसा होगा।