एशियन गेम्स 2026: सुजीत कलकल ने हारी बाजी पलटकर जीता कुश्ती में गोल्ड

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एशियन गेम्स 2026: सुजीत कलकल ने हारी बाजी पलटकर जीता कुश्ती में गोल्ड
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भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने एशियन गेम्स 2026 की कुश्ती प्रतियोगिता में एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उन्होंने पुरुषों के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल मुकाबले में ताजिकिस्तान के पहलवान अब्दुलमाजिद कुदिएव को एक बेहद रोमांचक और सांसें रोक देने वाले मैच में 10-9 के अंतर से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि एक समय सुजीत इस मुकाबले में 2-9 के बड़े अंतर से पीछे चल रहे थे और उनकी हार लगभग तय मानी जा रही थी। लेकिन मैच के अंतिम 90 सेकंड में सुजीत ने जो जुझारूपन दिखाया, उसने पूरे खेल का पासा ही पलट दिया।

मैच का रोमांचक घटनाक्रम

फाइनल मुकाबले की शुरुआत सुजीत के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। पहले राउंड में ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुदिएव ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी और सुजीत को बैकफुट पर धकेल दिया। पहले राउंड की समाप्ति तक स्कोर 2-4 था और सुजीत 2 अंकों से पीछे चल रहे थे। दूसरे राउंड की शुरुआत में भी स्थिति सुजीत के पक्ष में नहीं दिखी। ताजिकिस्तान के पहलवान ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी और लगातार अंक बटोरते हुए स्कोर को 9-2 तक पहुंचा दिया। इस स्तर पर आकर किसी भी खिलाड़ी के लिए वापसी करना नामुमकिन सा लग रहा था, क्योंकि सुजीत को जीत के लिए 8 अंकों की दरकार थी और समय बहुत कम बचा था।

आखिरी मिनट में सुजीत का धमाकेदार पलटवार

इतने बड़े अंतर से पिछड़ने के बावजूद सुजीत ने हार नहीं मानी और मैच के आखिरी मिनट में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने विरोधी पहलवान को लगातार चार बार पटखनी देकर 8 अंक हासिल कर लिए। इस शानदार खेल की बदौलत स्कोर 2-9 से सुधरकर 8-9 तक पहुंच गया। मैच खत्म होने में अब बहुत कम समय बचा था और ताजिकिस्तान का पहलवान अभी भी 1 अंक से आगे था। सुजीत को यह मैच जीतने के लिए बस एक आखिरी और सटीक दांव की सख्त जरूरत थी, जो उन्होंने समय रहते लगा दिया।

अंतिम 10 सेकंड और स्वर्ण पदक की जीत

मैच खत्म होने के सिर्फ 10 सेकंड पहले सुजीत ने एक और जबरदस्त दांव लगाया और विरोधी पहलवान को नीचे पटक दिया। इस दांव से उन्हें 2 अंक मिले और स्कोर 10-9 हो गया। इस तरह 2-9 से बुरी तरह पिछड़ने के बाद भी सुजीत ने हार न मानते हुए 10-9 से यह मैच अपने नाम कर लिया। उनकी यह जीत यह दिखाती है कि उन्होंने मुश्किल वक्त में भी हिम्मत नहीं हारी और सही मौके पर दांव लगाकर हारी हुई बाजी पलट दी और अंत में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया।

हरियाणा के लाल सुजीत का गौरवशाली सफर

सुजीत कलकल का यह गोल्ड मेडल भारतीय कुश्ती के लिए एक बहुत बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने 65 किलोग्राम वर्ग में देश को एशियन गेम्स का चैंपियन बनाया है। सुजीत कलकल मूल रूप से हरियाणा के चरखी दादरी के रहने वाले हैं और उनका जन्म 5 नवंबर 2002 को हुआ था। उन्हें कुश्ती खेलने की प्रेरणा अपने पिता दयानंद कलकल से मिली, जो खुद भी नेशनल लेवल के पहलवान रह चुके हैं। सुजीत ने इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने अंडर-20 और अंडर-23 स्तर पर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीते हैं। इसके अलावा, 2025 में उन्होंने सर्बिया के नोवी साद में आयोजित अंडर-23 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया था।

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