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सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन भरा, 23 अप्रैल को मतदान

सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए नामांकन भरा, 23 अप्रैल को मतदान
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महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए सोमवार को आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया। निर्वाचन अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र जमा करने के दौरान उनके साथ महायुति गठबंधन के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। यह उपचुनाव 23 अप्रैल को संपन्न होगा, जबकि मतों की गणना 4 मई को की जाएगी।

बारामती विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री और राकांपा के वरिष्ठ नेता अजित पवार के आकस्मिक निधन के कारण अनिवार्य हुआ है। 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में अजित पवार के निधन के बाद से यह निर्वाचन क्षेत्र रिक्त था। सुनेत्रा पवार अब अपने पति की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से चुनावी मैदान में उतरी हैं।

महायुति गठबंधन के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति

नामांकन प्रक्रिया के दौरान सुनेत्रा पवार के साथ सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की एकजुटता स्पष्ट रूप से दिखाई दी। उनके साथ एनसीपी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और हसन मुशरिफ उपस्थित थे और इसके अतिरिक्त, शिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने भी नामांकन के समय अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गठबंधन के नेताओं ने इस दौरान बारामती के विकास के लिए एकजुट होकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

जनता से भावुक अपील और विरासत का उल्लेख

नामांकन दाखिल करने से पूर्व सुनेत्रा पवार ने बारामती की जनता को संबोधित करते हुए एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बारामती के मतदाताओं ने हमेशा उनके दिवंगत पति अजित पवार को अपना अटूट समर्थन और प्यार दिया है, उसी प्रकार वे उन्हें भी सेवा का अवसर प्रदान करें। उन्होंने अजित पवार के निधन को परिवार और राज्य के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया। पवार ने कहा कि उन्होंने कभी ऐसी परिस्थितियों में चुनाव लड़ने की कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता की सेवा के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

विकास कार्यों की निरंतरता का आश्वासन

सुनेत्रा पवार ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि बारामती में विकास की गति को रुकने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासनिक अनुशासन और बुनियादी ढांचे के विकास को अपनी प्राथमिकता बताया। पवार के अनुसार, किसानों के लिए सिंचाई के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं अपराधमुक्त बनाना उनके मुख्य लक्ष्यों में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बारामती के भविष्य को लेकर जनता को चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है और विकास कार्य सुचारू रूप से जारी रहेंगे।

चुनावी मुकाबला और आगामी कार्यक्रम

बारामती उपचुनाव में मुकाबला रोचक होने की संभावना है क्योंकि कांग्रेस ने इस सीट से अपने प्रदेश सचिव आकाश मोरे को उम्मीदवार बनाया है और महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच इस सीधे मुकाबले पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 23 अप्रैल को मतदान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके पश्चात 4 मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि बारामती की जनता ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है।

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