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: शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का मुख्य शूटर यूपी से गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी सफलता

- शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या का मुख्य शूटर यूपी से गिरफ्तार, सीबीआई की बड़ी सफलता
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पश्चिम बंगाल के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान चलाया और इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजकुमार के रूप में हुई है, जिसे राज सिंह के नाम से भी जाना जाता है। जांच एजेंसी के अनुसार, राजकुमार ही वह मुख्य शूटर है जिसने चंद्रनाथ रथ पर गोलियां चलाई थीं और इस पूरी वारदात में उसकी भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।

गिरफ्तारी और आगामी कानूनी कार्रवाई

सीबीआई की टीम ने आरोपी राजकुमार को मुजफ्फरनगर से दबोचा है, जहां वह गिरफ्तारी से बचने के लिए छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई की टीम आरोपी की ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया में जुटी है। कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, आरोपी राजकुमार को मंगलवार को कोलकाता की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा। हालांकि मुख्य शूटर अब कानून की गिरफ्त में है, लेकिन इस हत्याकांड के पीछे की असली वजह और मुख्य मंशा का खुलासा होना अभी बाकी है। सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि इस हत्या की साजिश किसने रची थी और इसके पीछे क्या उद्देश्य था।

6 मई की रात का घटनाक्रम

यह सनसनीखेज वारदात 6 मई की रात को हुई थी, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित होने के ठीक दो दिन बाद का समय था। उस रात चंद्रनाथ रथ उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यग्राम स्थित अपने घर लौट रहे थे। वह एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल होकर वापस आ रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया और चुनाव परिणामों के तुरंत बाद हुई इस हत्या ने राज्य में राजनीतिक सरगर्मी और तनाव को काफी बढ़ा दिया था।

हमले का खौफनाक विवरण

शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करते हैं और बताया जा रहा है कि जब चंद्रनाथ रथ की गाड़ी एक अन्य चारपहिया वाहन से टकराकर रुकी, तो काफी देर से उनका पीछा कर रही दो मोटरसाइकिलों में से एक रथ की गाड़ी के बिल्कुल बगल में आकर रुकी। उसी मोटरसाइकिल पर सवार हमलावर ने बेहद करीब से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमलावर ने करीब 10 गोलियां चलाईं, जिससे चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई। हमला इतना अचानक और भीषण था कि रथ को संभलने का कोई मौका नहीं मिला।

अब तक की गिरफ्तारियां और घायलों की स्थिति

इस हमले में चंद्रनाथ रथ के ड्राइवर बुद्धदेव बेरा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां अब उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जो वर्तमान में 23 मई तक सीबीआई की हिरासत में हैं। अब मुख्य शूटर राजकुमार की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई को उम्मीद है कि इस हत्याकांड की पूरी कड़ियां जुड़ जाएंगी और जल्द ही हत्या के पीछे के मास्टरमाइंड का भी पता चल सकेगा।

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