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: बंगाल में महिलाओं को मिलेंगे हर महीने 3000 रुपये, शुभेंदु कैबिनेट ने फ्री बस यात्रा और वेतन आयोग पर लगाई मुहर

- बंगाल में महिलाओं को मिलेंगे हर महीने 3000 रुपये, शुभेंदु कैबिनेट ने फ्री बस यात्रा और वेतन आयोग पर लगाई मुहर
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पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य की जनता के लिए कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोल दिया है। सोमवार को आयोजित कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में कई बड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए गए। इन फैसलों में महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, परिवहन में छूट और सरकारी कर्मचारियों के वेतन से जुड़े अहम मुद्दे शामिल हैं। राज्य सरकार के इन कदमों को बंगाल की राजनीति और सामाजिक ढांचे में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

अन्नपूर्णा योजना: महिलाओं को मिलेगी 3000 रुपये की सहायता

शुभेंदु कैबिनेट की इस बैठक का सबसे बड़ा आकर्षण अन्नपूर्णा योजना को मिली मंजूरी रही और इस योजना के माध्यम से पश्चिम बंगाल की महिलाओं को हर महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अन्नपूर्णा योजना के तहत दी जाने वाली यह राशि 1 जून 2026 से महिलाओं के खातों में आनी शुरू हो जाएगी। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें दैनिक खर्चों के लिए आत्मनिर्भर बनाना है।

सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का ऐलान

महिलाओं के कल्याण के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए कैबिनेट ने सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। मंत्री अग्निमित्रा पॉल के अनुसार, पश्चिम बंगाल की महिलाएं 1 जून से राज्य की सरकारी बसों में बिना किसी किराए के यात्रा कर सकेंगी। यह सुविधा महिलाओं के लिए आवागमन को सुगम बनाएगी और उनके मासिक खर्चों में बड़ी बचत सुनिश्चित करेगी। सरकार का मानना है कि इस फैसले से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को विशेष रूप से लाभ होगा।

सातवें राज्य वेतन आयोग का गठन

सरकारी कर्मचारियों के लिए भी यह कैबिनेट बैठक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि पश्चिम बंगाल की भाजपा सरकार ने अपने कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इस आयोग के गठन से कर्मचारियों के वेतन ढांचे और अन्य भत्तों में सुधार की उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से राज्य कर्मियों की एक प्रमुख मांग रही है।

नीतिगत बदलाव और सीएए आवेदकों को लाभ

कैबिनेट ने कुछ कड़े नीतिगत फैसले भी लिए हैं। बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि धार्मिक वर्गीकरण के आधार पर विभिन्न समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता को जून के महीने से बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकार ने समावेशी दृष्टिकोण अपनाते हुए सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले व्यक्तियों को भी राहत दी है। अग्निमित्रा पॉल ने स्पष्ट किया कि सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले और मतदाता सूची में शामिल होने के लिए गठित न्यायाधिकरणों के सदस्यों को भी 'अन्नपूर्णा' योजना का लाभ दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में लिए गए ये फैसले राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं और 1 जून 2026 से शुरू होने वाली 3000 रुपये की मासिक सहायता और 1 जून से प्रभावी होने वाली मुफ्त बस यात्रा जैसी घोषणाओं ने राज्य में एक नई चर्चा छेड़ दी है। सरकार इन योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुंचने और प्रशासनिक सुधारों को गति देने का प्रयास कर रही है।

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