Bihar Politics: तेजप्रताप यादव ने सिंगर को लगाई डांट, 'केवल यादव जी वाला गाना मत गाओ'; लालू यादव भोज में हुए शामिल
Bihar Politics - तेजप्रताप यादव ने सिंगर को लगाई डांट, 'केवल यादव जी वाला गाना मत गाओ'; लालू यादव भोज में हुए शामिल
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) अध्यक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के आवास पर एक विशेष भोज का आयोजन किया गया। इस भोज में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी शामिल था, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में तेजप्रताप यादव एक महिला सिंगर को मंच पर गाना गाते हुए। डांटते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे यह घटना सुर्खियों में आ गई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विवाद
वायरल वीडियो में तेजप्रताप यादव सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद सिंगर को बीच में ही रोकते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने सिंगर से कहा, 'गाना रोकिए और वल्गर गाना मत गाइए यहां। पूजा पाठ वाला गाना गाओ, भगवान वाला गाना गाओ और ' इसके बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 'खाली यादव जी वाला गाना गा रही हो..। भगवान कृष्ण का भजन गाओ। ' तेजप्रताप के इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी ध्यान आकर्षित किया है, जहां लोग इस घटना पर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। यह घटना मकर संक्रांति के उत्सव के दौरान हुई, जब उनके आवास पर बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।लालू यादव की उपस्थिति और सुलह की अटकलें
इस भोज का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसमें आरजेडी प्रमुख और तेजप्रताप के पिता लालू प्रसाद यादव शामिल हुए। यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि लालू प्रसाद यादव पार्टी और घर से निकाले जाने के बाद पहली बार तेजप्रताप से मिले थे। उनकी उपस्थिति ने परिवार में सुलह की अटकलों को तेज कर दिया है। लालू प्रसाद यादव, जो अपनी उम्र और कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण आमतौर पर घर में ही रहते हैं, ने पत्रकारों के सवालों का जवाब नहीं दिया, लेकिन उनकी उपस्थिति को एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इस भोज में प्रभुनाथ, साधु यादव और विधायक चेतन आनंद जैसे अन्य प्रमुख हस्तियां भी शामिल हुईं, साथ ही उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी पहुंचे।तेजस्वी और राबड़ी की अनुपस्थिति
हालांकि, इस भोज में तेजप्रताप के छोटे भाई और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और उनकी मां राबड़ी देवी शामिल नहीं हुए। तेजप्रताप यादव ने एक दिन पहले ही राबड़ी आवास जाकर। अपने माता-पिता और भाई को व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। भोज के दौरान तेजप्रताप ने तेजस्वी का इंतजार किया और यहां तक कहा कि 'तेजस्वी थोड़ा देर से उठते हैं। मैं रात 9 बजे तक उनका इंतज़ार करूंगा। ' लेकिन, तेजस्वी और राबड़ी देवी अंततः भोज में शामिल नहीं हुए, जिससे परिवार के भीतर चल रहे समीकरणों को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। उनकी अनुपस्थिति ने उन अटकलों को बल दिया है कि परिवार के भीतर अभी भी कुछ मतभेद मौजूद। हो सकते हैं, भले ही लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे के साथ सुलह के संकेत दिए हों।तेजप्रताप का निष्कासन और पारिवारिक संबंध
लालू प्रसाद यादव ने मई 2025 में तेजप्रताप को आरजेडी से निष्कासित कर दिया था, यह कहते हुए कि उनसे अब 'परिवार का कोई लेना-देना नहीं रहेगा। ' उन्होंने अपने बड़े बेटे के आचरण की आलोचना करते हुए उसे 'गैर-जिम्मेदाराना' करार दिया था और कहा था कि यह उनके परिवार के मूल्यों के अनुरूप नहीं है। इस पृष्ठभूमि में, लालू प्रसाद का तेजप्रताप के भोज में शामिल होना एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है और यह घटना परिवार के भीतर के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत का संकेत दे सकती है, हालांकि तेजस्वी और राबड़ी की अनुपस्थिति ने इस प्रक्रिया को और जटिल बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को आरजेडी और जनशक्ति जनता दल के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं।