पटना में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। हालांकि, जब उनसे झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होंने इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से परहेज किया। तेजस्वी यादव ने सवाल को टालते हुए केवल इतना कहा, "उस पर बात करेंगे... " उनकी इस प्रतिक्रिया ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि झारखंड का छात्र आंदोलन इस समय पूरे देश में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
बंटी यादव हत्याकांड और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
तेजस्वी यादव ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस का मुख्य केंद्र बिहार की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और विशेष रूप से बंटी यादव हत्याकांड को बनाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बंटी यादव की हत्या इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने इलाके में चल रहे सेक्स रैकेट के खिलाफ आवाज उठाई थी। तेजस्वी ने इस मामले में पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवार की मदद के लिए उन्होंने खुद पहल की और उन्हें डीजीपी से मिलने का समय दिलाया, जिसके बाद ही पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामले के कई मुख्य आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और शिक्षा का संकल्प
बंटी यादव के परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए तेजस्वी यादव ने बड़ी घोषणाएं कीं। " इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये का चेक भी सौंपा। तेजस्वी ने राज्य सरकार से पुरजोर मांग की कि बंटी यादव की पत्नी को सरकारी नौकरी दी जाए और इस पूरे हत्याकांड की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
बिहार में बढ़ते अपराध और सरकार की विफलता
राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में दो-दो उपमुख्यमंत्री हैं, लेकिन किसी के पास भी जनता की समस्याओं को सुनने के लिए समय नहीं है। उन्होंने अपराध की विभिन्न घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा और उन्होंने दिनारा की एक घटना का उल्लेख किया जहां मजदूरी मांगने गए एक व्यक्ति को गोली मार दी गई। तेजस्वी ने घोषणा की कि वह और उनकी पार्टी के नेता परसों पीड़ित परिवार से मिलने जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने सीवान में हुई फायरिंग का मुद्दा भी उठाया और सवाल किया कि वहां AK-47 चलाने का आदेश किसने दिया था। उन्होंने एक ईओ की हत्या के मामले में एक विधायक का नाम सामने आने का भी जिक्र किया और पूछा कि क्या उस विधायक के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई या एनकाउंटर हुआ?
झारखंड छात्र आंदोलन की वर्तमान स्थिति
झारखंड में छात्रों का आंदोलन इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रदर्शनों की गंभीरता को देखते हुए झारखंड सरकार ने अब बातचीत की पहल की है और छात्रों ने भी सरकार से संवाद करने के लिए अपना 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तैयार कर लिया है। हालांकि तेजस्वी यादव ने इस पर फिलहाल कुछ भी कहने से मना कर दिया है, लेकिन उनके "कल बात करेंगे" वाले बयान से संकेत मिलता है कि वह जल्द ही इस पर अपनी राय रख सकते हैं।