उन्नाव | जिंदा जला दी गई उन्नाव की दुष्कर्म पीड़िता के परिजन ने कहा है कि वे पीड़िता का तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनसे मिलने नहीं आते।
पीड़िता के अंतिम संस्कार की प्रशासनिक तैयारियों के बीच मृतका की बहन ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री आदित्यनाथ मौके पर नहीं आते और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन नहीं देते, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पीड़िता की बहन ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री से खुद बात करनी है। उसने यह भी कहा कि उसकी बहन की सरकारी नौकरी लगने वाली थी।
पीड़िता की बहन ने कहा कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए और घटना के जिम्मेदार आरोपियों को तत्काल फांसी दी जानी चाहिए। पीड़िता के पिता ने कहा है कि जब तक मुख्यमंत्री खुद नहीं आते, वह अपनी लड़की का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
Sister of Unnao rape victim: We demand that Yogi sir should visit us and give an immediate decision. #Unnao pic.twitter.com/3TiXlw8BL3
— ANI UP (@ANINewsUP) December 8, 2019
पीड़िता का अंतिम संस्कार होने तक उन्नाव में रहेंगे आईजी
डीजीपी ओपी सिंह ने दुष्कर्म पीड़िता का अंतिम संस्कार होने तक लखनऊ के आईजी एसके भगत को उन्नाव में ही कैंप करने को कहा है। इसके बाद स्थिति को देखते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा।
दोबारा गांव पहुंचे मंत्री ने दिया 25 लाख का चेक
कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य शनिवार देर शाम दोबारा गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़िता के पिता को 25 लाख रुपये का चेक दिया। डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जल्द प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत पक्का आवास दिलाया जाएगा। उन्होंने आवेदन भी किया था। अभी घर के नाम पर सिर्फ कच्ची दीवारों पर छप्पर रखे हैं।
रात से अबतक गांव में ही जमे सपाई
दुष्कर्म पीड़िता का शव शनिवार देर रात गांव लाया गया। पीड़िता के घर के बाहर सपाई रात से अबतक गांव में ही जमे हुए हैं। इनमें एमएलसी सुनील साजन, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव व अन्य लोग शामिल हैं। भारी संख्या में ग्रामीण व पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद है।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता को जलाकर मारने की घटना को लेकर रविवार को भी पुलिस सतर्क है। शनिवार को कांग्रेस व सपा के प्रदर्शन और प्रदेश सरकार के मंत्रियों व सांसद को काले झंडे दिखाकर विरोध किए जाने के बाद थाने से लेकर पीड़िता के गांव तक पुलिस चप्पे-चप्पे पर तैनात रही। सतर्कता का आलम यह रहा की डीएम और एसपी के अलावा सुबह ही कमिश्नर मुकेश मेश्राम व आईजी भी घटनास्थल से होते हुए पीड़िता के घर पहुंच गए। पुलिस बल की निगरानी के लिए अधिकारी भी बराबर राउंड लेते रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनपद के आसपास के जिलों की भी पुलिस को बुलाया गया है।