विज्ञापन

ट्रंप ने ईरान पर हमला 10 दिन टाला, ऊर्जा बाजार की स्थिरता प्राथमिकता

ट्रंप ने ईरान पर हमला 10 दिन टाला, ऊर्जा बाजार की स्थिरता प्राथमिकता
विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सैन्य हमले की योजना को 10 दिनों के लिए स्थगित करने की घोषणा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नई समयसीमा अब 6 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कदम ईरानी सरकार के विशेष अनुरोध पर उठाया गया है और उन्होंने उल्लेख किया कि दोनों देशों के बीच वर्तमान में चल रही बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसके कारण सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोकना आवश्यक समझा गया है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार की सुरक्षा और स्थिरता

विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, इस देरी का सबसे प्रमुख कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में संभावित अस्थिरता को रोकना है। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के ईरान प्रोजेक्ट के निदेशक अली वाएज ने आधिकारिक तौर पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप इस तथ्य से अवगत हैं कि ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी हमले का सीधा असर वैश्विक तेल और गैस की कीमतों पर पड़ेगा। ऊर्जा बाजार पहले से ही आपूर्ति बाधाओं को लेकर संवेदनशील बना हुआ है। यदि ईरान के तेल शोधन संयंत्रों या निर्यात टर्मिनलों को निशाना बनाया जाता है, तो इससे न केवल क्षेत्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि बाजार में विश्वास बनाए रखने के लिए यह रणनीतिक ठहराव अनिवार्य था।

ईरान की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी और क्षेत्रीय जोखिम

इस सैन्य निर्णय के पीछे ईरान द्वारा दी गई जवाबी हमले की धमकियां भी एक महत्वपूर्ण कारक मानी जा रही हैं। अली वाएज के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने पहले ईरान के बिजली ग्रिड और ऊर्जा ढांचे को नष्ट करने की चेतावनी दी थी। इसके जवाब में, तेहरान ने स्पष्ट किया था कि वह खाड़ी देशों के ऊर्जा ठिकानों और इजरायल के बिजली नेटवर्क पर हमला कर सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए 'भयानक स्थिति' उत्पन्न हो सकती है। यह केवल अल्पकालिक निर्यात में कमी नहीं होगी, बल्कि उत्पादन क्षमता को पहुंचने वाला नुकसान कई महीनों या वर्षों तक बना रह सकता है और कतर की गैस उत्पादन क्षमता का लगभग 17% हिस्सा पहले से ही प्रभावित बताया जा रहा है, जिसे बहाल करने में 3 से 5 वर्ष का समय लग सकता है।

कूटनीतिक प्रयासों और ट्रुथ सोशल पर आधिकारिक बयान

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि कूटनीतिक रास्ते अभी भी खुले हैं। उन्होंने लिखा कि ईरान सरकार के अनुरोध पर ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को 10 दिनों के लिए रोका जा रहा है। ट्रंप के अनुसार, बातचीत का माहौल गंभीर और रचनात्मक रहा है, जो मीडिया की कुछ नकारात्मक रिपोर्टों के विपरीत है। इससे पहले भी सोमवार को ट्रंप ने 5 दिनों के लिए हमले को टालने का आदेश दिया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इन विस्तारों का उद्देश्य ईरान को अपनी रणनीतियों पर पुनर्विचार करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए पर्याप्त समय देना है।

प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हमला और वर्तमान सैन्य स्थिति

एक तरफ जहां अमेरिका हमले टालने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां जारी हैं। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब में स्थित प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर एक बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में कई अमेरिकी सैनिकों के घायल होने और सैन्य विमानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है और ईरान ने हालांकि आधिकारिक तौर पर अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत की खबरों को खारिज किया है। पिछले शनिवार को ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए पूरी तरह खोले। वर्तमान में, अमेरिका अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत कर रहा है जबकि साथ ही कूटनीतिक विकल्पों को भी प्राथमिकता दे रहा है।

विज्ञापन