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ईरान-अमेरिका सीजफायर: मुनीर और शहबाज की अपील पर ट्रंप ने बदला फैसला, बढ़ाया युद्धविराम

ईरान-अमेरिका सीजफायर: मुनीर और शहबाज की अपील पर ट्रंप ने बदला फैसला, बढ़ाया युद्धविराम
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अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में सीजफायर की अवधि को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है और युद्धविराम की समयसीमा समाप्त होने में महज कुछ ही घंटे शेष थे, जिससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वह सीजफायर को विस्तार दे रहे हैं। इस निर्णय के पीछे उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का विशेष रूप से उल्लेख किया। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इन दोनों नेताओं के अनुरोध और मध्यस्थता के कारण ही उन्होंने सीजफायर को आगे बढ़ाने का मन बनाया है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ट्रंप का रुख

वर्तमान में पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने राष्ट्रपति ट्रंप से विशेष गुजारिश की थी कि वे फिलहाल ईरान पर सैन्य हमला न करें। इस अपील के बाद ट्रंप ने अपना रुख बदला और सीजफायर को तब तक के लिए बढ़ा दिया है, जब तक कि ईरान शांति बहाली के लिए कोई ठोस और साझा प्रस्ताव पेश नहीं करता और पाकिस्तान ने ट्रंप के इस सकारात्मक कदम के लिए उनका औपचारिक रूप से शुक्रिया अदा किया है।

ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी और सैन्य निर्देश

भले ही ट्रंप ने हमलों पर रोक लगा दी है, लेकिन उन्होंने साफ किया है कि दबाव कम नहीं होगा। ट्रंप ने अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी और नाकाबंदी निरंतर जारी रखी जाए। ट्रंप का मानना है कि ईरान की वर्तमान सरकार आंतरिक रूप से गंभीर रूप से बंटी हुई है और वह इस समय एक कमजोर स्थिति में है। ट्रंप को लगता है कि इस कमजोरी के कारण ईरान समझौते के लिए झुक सकता है। हालांकि, ईरान ने इन दावों को खारिज किया है और झुकने से साफ इनकार कर दिया है।

सीजफायर की समयसीमा और वार्ता पर सस्पेंस

ईरान और अमेरिका के बीच यह दो हफ्ते का सीजफायर 8 अप्रैल को लागू हुआ था, जिसकी अवधि 22 अप्रैल को समाप्त होने वाली थी। समय सीमा खत्म होने से ठीक पहले ट्रंप ने इसे बढ़ाने का ऐलान किया। इसके बावजूद, दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पहले यह चर्चा थी कि दूसरे दौर की बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित की जाएगी, लेकिन दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) वहां नहीं पहुंचे, जिससे वार्ता के स्थान और समय पर सस्पेंस बरकरार है।

ईरान और IRGC की तीखी प्रतिक्रिया

ट्रंप के इस ऐलान पर ईरान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई है। ईरान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि युद्ध में हारने वाला पक्ष अपनी शर्तें नहीं थोप सकता। ईरान का मानना है कि ट्रंप का सीजफायर बढ़ाना केवल एक चाल है ताकि उन्हें हमले की तैयारी के लिए और वक्त मिल सके और ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि बातचीत केवल उनकी शर्तों पर ही होगी। ईरानी सेना ने दावा किया कि वे जीत की ओर बढ़ रहे हैं, इसलिए शर्तें तय करने का अधिकार भी उन्हीं का है।

शहबाज शरीफ का आभार और शांति की उम्मीद

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सीजफायर बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हुए डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने पाकिस्तान की गुजारिश को स्वीकार किया, जो एक सराहनीय कदम है। शहबाज शरीफ ने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए इस संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पाकिस्तान में जल्द ही शांति वार्ता आयोजित होने की संभावना है और ईरान-अमेरिका के बीच पहले दौर की औपचारिक बातचीत इस्लामाबाद में ही होगी।

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