ईरान पर हमले से सिर्फ एक घंटा दूर था अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

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ईरान पर हमले से सिर्फ एक घंटा दूर था अमेरिका, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
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ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच जारी मौजूदा सीजफायर किसी भी वक्त एक बड़े युद्ध में तब्दील हो सकता है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि अमेरिकी सेना को शायद ईरान पर फिर से हमला करने की जरूरत पड़ सकती है। उनके अनुसार, तेहरान इस समय एक समझौता करने के लिए मिन्नतें कर रहा है, लेकिन स्थिति अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है और ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि वह कल युद्ध को फिर से शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार थे।

हमले से महज एक घंटे की दूरी पर थी अमेरिकी सेना

व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि वह ईरान पर एक नया हमला शुरू करने से बस 1 घंटा की दूरी पर थे। उन्होंने अमेरिकी सैन्य शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि नौसेना के जहाज मिसाइलों और अन्य घातक हथियारों से पूरी तरह लैस थे और हमले के लिए बिल्कुल तैयार खड़े थे। ट्रंप ने बताया कि इससे पहले उन्होंने खाड़ी देशों के विशेष अनुरोध पर ईरान पर हमला करने की अपनी योजना को टाल दिया था और हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि सैन्य विकल्प अभी भी मेज पर है और अमेरिकी सेना किसी भी आदेश का पालन करने के लिए तत्पर है।

शांति समझौते की कोशिश और युद्ध का डर

ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी सेना को शायद ईरान पर एक और बड़ा हमला करना पड़ सकता है, क्योंकि वह युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने के लिए एक स्थायी शांति समझौता करने की कोशिश कर रहे हैं। राष्ट्रपति के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है और दुनिया भर में डर का माहौल बन गया है। इस तनाव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है, जिससे शिपिंग लाइनें प्रभावित हुई हैं और महंगाई आसमान छू रही है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को 2-3 दिन का समय दे रहे हैं, जिसे शायद अगले हफ्ते की शुरुआत तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने एक फोन कॉल का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें बताया गया था कि एक समझौता काफी करीब है, इसलिए थोड़ा इंतजार करना बेहतर होगा।

ईरान की जवाबी चेतावनी और तैयारी

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका की इन धमकियों का कड़ा जवाब दिया है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने स्पष्ट किया कि उनका देश किसी भी सैन्य हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। गरीबाबादी ने ट्रंप की उस सोशल मीडिया पोस्ट पर टिप्पणी की, जिसमें हमले को टालने की बात कही गई थी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह किसी भी पल एक बड़े हमले के लिए तत्परता को दर्शाता है। उन्होंने अमेरिकी रुख की आलोचना करते हुए कहा कि खतरे को शांति के अवसर का नाम देना गलत है। गरीबाबादी ने जोर देकर कहा कि ईरान एकजुट है और पूरी दृढ़ता के साथ किसी भी सैन्य हमले का सामना करने के लिए तैयार खड़ा है।

वैश्विक प्रभाव और भविष्य की अनिश्चितता

ईरान और अमेरिका के बीच इस जुबानी जंग और सैन्य तैयारियों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है और ट्रंप के दावों और ईरान की जवाबी तैयारियों के बीच, खाड़ी क्षेत्र में तनाव का स्तर अपने उच्चतम बिंदु पर है। यदि यह तनाव युद्ध में बदलता है, तो इसके परिणाम न केवल इन दोनों देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता के लिए विनाशकारी हो सकते हैं। फिलहाल, दुनिया की नजरें ट्रंप द्वारा दिए गए 2-3 दिन के समय पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि क्षेत्र शांति की ओर बढ़ेगा या एक भीषण युद्ध की ओर।

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