अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक नई और बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने एक नई पारदर्शी और उचित डील पेश की है, और यदि ईरानी नेतृत्व इसे स्वीकार करने में विफल रहता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के बुनियादी ढांचे पर कड़ा प्रहार करेगा और ट्रंप ने ट्रुथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के माध्यम से तेहरान को यह धमकी दी है कि डील न मानने की स्थिति में ईरान के हर पावर प्लांट और हर पुल को तबाह कर दिया जाएगा।
इस्लामाबाद में वार्ता और नई डील का प्रस्ताव
राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी है कि उनकी एक विशेष टीम कल यानी सोमवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जा रही है। यह टीम सोमवार शाम तक वहां पहुंचेगी, जहां महत्वपूर्ण वार्ताएं होनी तय हैं और ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के सामने एक बहुत ही निष्पक्ष, पारदर्शी और उचित समझौता (डील) रखा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईरान इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि यदि ईरान ने इस बार भी इनकार किया, तो परिणाम विनाशकारी होंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में सीजफायर उल्लंघन का आरोप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में गोलीबारी करने और संघर्षविराम समझौते का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
आर्थिक नुकसान और होर्मुज की नाकेबंदी
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा पर ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि यह अजीब है क्योंकि अमेरिकी नाकेबंदी ने इसे पहले ही बंद कर रखा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान अनजाने में अमेरिका के काम आ रहा है। इस बंद मार्ग के कारण ईरान को रोजाना लगभग 50 करोड़ डॉलर का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस स्थिति से अमेरिका को कोई नुकसान नहीं हो रहा है, बल्कि कई जहाज तेल लोड करने के लिए अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और अलास्का की ओर जा रहे हैं। उन्होंने इसका श्रेय आईआरजीसी (IRGC) की गतिविधियों को दिया।
'नो मोर मिस्टर नाइस गाय': ट्रंप का कड़ा रुख
अपने संदेश के अंत में ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे का इस्तेमाल करते हुए लिखा, "NO MORE MR. )। उन्होंने कहा कि यदि ईरान डील स्वीकार नहीं करता है, तो वह वही करेंगे जो पिछले 47 वर्षों से अन्य राष्ट्रपतियों को ईरान के साथ करना चाहिए था। ट्रंप ने कहा कि ईरान की 'किलिंग मशीन' को खत्म करने का समय आ गया है और यदि आवश्यक हुआ, तो ईरान के खिलाफ कड़ी सैन्य कार्रवाई करना उनके लिए सम्मान की बात होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि डील न होने पर ईरान बहुत तेजी से और आसानी से धराशायी हो जाएगा।