अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के हालिया शांति प्रस्ताव वाले जवाब को सिरे से खारिज करते हुए इसे 'देरी करने का खेल' करार दिया है। ट्रंप ने अत्यंत कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि दशकों से अमेरिका का मजाक उड़ाने वाला ईरान अब और नहीं हंस पाएगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किए गए एक विस्तृत पोस्ट में ट्रंप ने तेहरान के प्रति अपने आक्रामक तेवर स्पष्ट किए और पिछले प्रशासन की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की पुरानी रणनीतियां अब काम नहीं करेंगी।
ईरान के 47 सालों के इतिहास पर ट्रंप का प्रहार
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में ईरान के पिछले 47 वर्षों के इतिहास का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व पिछले 47 सालों से अमेरिका को गुमराह करता रहा है और उसे लगातार इंतजार करवाता रहा है। ट्रंप ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ईरान सड़क किनारे बमों के जरिए अमेरिकी लोगों की जान लेता रहा है और अपने ही देश में प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि हाल ही में ईरान ने 42,000 निर्दोष और निहत्थे प्रदर्शनकारियों की हत्या कर दी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अब तक अमेरिका का मजाक उड़ाता रहा है, लेकिन अब यह सिलसिला खत्म होगा।
बराक ओबामा और नकद हस्तांतरण पर तीखी टिप्पणी
ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीतियों को ईरान के लिए 'महान' बताया और उन पर सहयोगियों को दरकिनार करने का आरोप लगाया। ट्रंप ने लिखा कि ईरान 47 सालों से दुनिया के साथ 'देरी, देरी, देरी' का खेल खेल रहा था, जिसे ओबामा के कार्यकाल में बड़ी सफलता मिली। उन्होंने दावा किया कि ओबामा ने इजराइल और अन्य सभी महत्वपूर्ण सहयोगियों को किनारे कर दिया और ईरान को एक शक्तिशाली नया जीवन प्रदान किया। 7 अरब डॉलर नकद हवाई जहाज से भेजे गए थे।
वाशिंगटन और वर्जीनिया के बैंकों का जिक्र
ट्रंप ने अपने पोस्ट में विस्तार से बताया कि ओबामा के समय में वाशिंगटन, वर्जीनिया और मैरीलैंड के सभी बैंक खाली कर दिए गए थे क्योंकि भेजी जाने वाली धनराशि इतनी अधिक थी। उन्होंने कहा कि जब यह पैसा सूटकेस और थैलों में भरकर विमान से उतारा गया, तो ईरानी अधिकारियों को भी अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हो रहा था। ट्रंप के अनुसार, ईरानियों ने इतना पैसा पहले कभी नहीं देखा था और न ही वे भविष्य में कभी देखेंगे। उन्होंने ओबामा को एक 'कमजोर और मूर्ख' राष्ट्रपति बताया और कहा कि वे एक आपदा साबित हुए, हालांकि उन्होंने वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन को ओबामा से भी बदतर बताया।
ईरान के शांति प्रस्ताव की शर्तें और वर्तमान स्थिति
ईरानी सरकारी मीडिया के माध्यम से सामने आए शांति प्रस्ताव पर भी ट्रंप ने अपनी राय रखी और तेहरान ने अपने जवाब में युद्ध रोकने की इच्छा जताई है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें रखी हैं। ईरान चाहता है कि लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल संघर्ष विराम हो। इसके अतिरिक्त, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की शर्त भी रखी है। अमेरिका ने पहले यह प्रस्ताव दिया था कि परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा शुरू करने से पहले दोनों देशों को शत्रुता पूरी तरह खत्म करनी चाहिए और फिलहाल, अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के इस नए जवाब पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।