Trump Warns Cuba: ट्रंप की क्यूबा को चेतावनी: 'डील करो, वरना वेनेजुएला जैसा हश्र होगा'
Trump Warns Cuba - ट्रंप की क्यूबा को चेतावनी: 'डील करो, वरना वेनेजुएला जैसा हश्र होगा'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को एक सख्त चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्होंने द्वीप राष्ट्र से संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ जल्द से जल्द एक समझौता करने का आग्रह किया है और ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि क्यूबा इस चेतावनी पर ध्यान नहीं देता है, तो उसे तेल और वित्तीय सहायता की आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी. यह अल्टीमेटम वेनेजुएला में हाल ही में हुए अमेरिकी ऑपरेशन के कुछ. दिनों बाद आया है, जिसने क्षेत्रीय भू-राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है.
ट्रंप का कड़ा अल्टीमेटम
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी चेतावनी दी और उन्होंने लिखा, 'अब क्यूबा को एक बूंद तेल या एक डॉलर भी नहीं मिलेगा. बहुत देर होने से पहले क्यूबा समझौता कर ले. ' यह बयान क्यूबा के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अमेरिका उसके साथ अपने संबंधों को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की देरी को बर्दाश्त नहीं करेगा और ट्रंप ने इस बात पर भी जोर दिया कि क्यूबा कई सालों से वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और पैसों पर बहुत अधिक निर्भर रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा की आर्थिक कमजोरियों से भली-भांति परिचित है.क्यूबा की वेनेजुएला पर निर्भरता
क्यूबा की अर्थव्यवस्था वेनेजुएला से मिलने वाले समर्थन पर काफी हद तक निर्भर करती है. वर्तमान में, क्यूबा अपनी कुल तेल जरूरतों का लगभग 30% वेनेजुएला से प्राप्त करता है. इस तेल के बदले में, क्यूबा अपने हजारों डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ वेनेजुएला भेजता है, जिससे दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण आदान-प्रदान संबंध बना हुआ है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति बंद हो जाती है, तो क्यूबा में पहले से ही कमजोर बिजली व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा, जिससे देश में बिजली संकट और गहरा सकता है. यह स्थिति क्यूबा की जनता के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकती है और देश की अर्थव्यवस्था को और भी कमजोर कर सकती है.क्यूबा का कड़ा विरोध
ट्रंप के बयान ऐसे समय में आए हैं जब क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. शनिवार को क्यूबा की राजधानी हवाना में अमेरिकी दूतावास के सामने हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए, डियाज कैनेल ने अमेरिकी कार्रवाई को 'स्टेट टेररिज्म' करार दिया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया और वहां के राष्ट्रपति को पकड़ लिया, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है. डियाज कैनेल ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका ने एक ऐसे शांत देश पर हमला किया है. जिससे उसे कोई खतरा नहीं था, जिससे क्यूबा की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति उसकी प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है.वेनेजुएला में क्यूबा की भूमिका
वेनेजुएला में क्यूबा की भूमिका केवल तेल के बदले डॉक्टरों तक ही सीमित नहीं है. निकोलस मादुरो की सुरक्षा में भी क्यूबा के एजेंट्स तैनात थे, जो दोनों देशों के बीच गहरे सैन्य और खुफिया संबंधों को दर्शाता है. अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान 32 क्यूबाई सैनिकों के मारे जाने की खबर भी सामने आई है, जो इस बात का प्रमाण है कि क्यूबा वेनेजुएला के आंतरिक मामलों में सक्रिय रूप से शामिल था. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी क्यूबा की सरकार की स्थिति को 'बड़ी मुसीबत में' बताया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका क्यूबा के इस हस्तक्षेप को गंभीरता से ले रहा है.राजनीतिक बयानबाजी और भविष्य
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की, जिसमें कहा गया था कि मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बनेंगे और इस पर ट्रंप ने लिखा, 'यह मुझे अच्छा लगता है. ' हालांकि, ट्रंप प्रशासन की ओर से रुबियो को लेकर ऐसी किसी नीति या योजना का कोई आधिकारिक जिक्र नहीं किया गया है, और इसे ट्रंप का बढ़ा-चढ़ाकर दिया गया बयान माना जा रहा है. इसके बावजूद, ट्रंप ने विश्वास व्यक्त किया है कि क्यूबा खुद ही गिर जाएगा और अमेरिका को सैन्य कार्रवाई करने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी और यह बयान अमेरिकी प्रशासन की क्यूबा के प्रति नीति को दर्शाता है, जिसमें आर्थिक दबाव और राजनीतिक बयानबाजी के माध्यम से बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है, बजाय सीधे सैन्य हस्तक्षेप के.