सऊदी अरब पर हुए हालिया हमलों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी नाराज नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने यमन के हूती विद्रोहियों को इस मामले में कड़ी चेतावनी दी है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है कि क्या उन्होंने इस विद्रोही समूह पर हमला करने का अंतिम निर्णय ले लिया है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि हूती विद्रोहियों के काम बहुत बुरे हैं और पश्चिम एशिया में बढ़ती टेंशन के बीच ट्रंप का यह बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर अमेरिका को इस क्षेत्र में तुर्की की मदद की जरूरत पड़ती है, तो तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन उनके कहे अनुसार ही काम करेंगे।
हूती के खिलाफ ऑपरेशन और तुर्की की भूमिका
जब डोनाल्ड ट्रंप से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के फैसले के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हूती बहुत बुरा बर्ताव कर रहे हैं। ट्रंप ने इस दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के साथ अपने संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने संकेत दिया कि वह यमन से जुड़ी कोशिशों और हूती विद्रोहियों पर एक्शन लेने के लिए एर्दोगन से कह सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि एर्दोगन उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और वह तुर्की के राष्ट्रपति का बहुत सम्मान करते हैं। ट्रंप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि उन्हें लगता है कि एर्दोगन वही करेंगे जो वह उनसे कहेंगे। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में तुर्की को शामिल करना चाहते हैं, तब ट्रंप ने यह बात कही। इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिका और तुर्की के बीच इस मुद्दे पर भविष्य में आपसी तालमेल बन सकता है।
ईरान को बताया विफल देश और 300 फीसदी महंगाई का जिक्र
सऊदी अरब पर हमलों के संदर्भ में ट्रंप ने ईरान पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने ईरान को एक फेल हो चुका देश यानी विफल राष्ट्र करार दिया। ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां की इकोनॉमी पूरी तरह खत्म हो चुकी है और वहां महंगाई की दर 300 फीसदी तक पहुंच गई है। ट्रंप के अनुसार, ईरान के पास अब पैसे नहीं बचे हैं और वह अपने सैनिकों तक को वेतन देने में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी को भी पैसे नहीं दे पा रहा है। ट्रंप ने यह भी इशारा किया कि वह ईरान को लेकर बहुत जल्द कोई बड़ा निर्णय लेंगे। उनके अनुसार ईरान की वर्तमान स्थिति बेहद खराब है और वह एक आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और अरामको पर मिसाइल हमले
तेल आपूर्ति और सुरक्षा के सवाल पर ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट यानी होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका नियंत्रण है और वहां से बड़ी मात्रा में तेल की आवाजाही हो रही है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने हाल ही में सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं को सही निशाना बताया था। हूती विद्रोहियों ने अरामको को निशाना बनाने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है, जिसके बाद से ही ट्रंप ने हूती और उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को दी गई धमकियों को गंभीरता से लिया जा रहा है।