विज्ञापन

: TVS Motor का मेगा प्लान: सालाना 83 लाख वाहनों का उत्पादन, EV पर फोकस

- TVS Motor का मेगा प्लान: सालाना 83 लाख वाहनों का उत्पादन, EV पर फोकस
विज्ञापन

भारतीय टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बाजार की प्रमुख खिलाड़ी टीवीएस मोटर (TVS Motor) अब अपने व्यापारिक साम्राज्य को एक नए स्तर पर ले जाने की व्यापक तैयारी कर रही है। कंपनी ने अपने भविष्य के रोडमैप को स्पष्ट करते हुए उत्पादन क्षमता में भारी बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। वर्तमान में टीवीएस मोटर के पास अलग-अलग कीमत और विभिन्न सेगमेंट में वाहनों की एक विस्तृत श्रृंखला मौजूद है, जिसमें किफायती कम्यूटर बाइक्स से लेकर हाई-एंड प्रीमियम मोटरसाइकिलें और आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटर शामिल हैं। इन वाहनों को न केवल भारतीय घरेलू बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिल रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी इनकी मांग में निरंतर इजाफा देखा जा रहा है। कंपनी की रणनीति अब इस बढ़ती मांग को भुनाने और वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने की है।

उत्पादन क्षमता में 15 लाख यूनिट का बड़ा इजाफा

ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों और बाजार की भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए टीवीएस मोटर ने अपनी उत्पादन क्षमता को विस्तार देने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपनी उत्पादन क्षमता में 15 लाख यूनिट तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल करने के लिए कंपनी ने अगले 12 महीनों की एक सख्त समयसीमा तय की है। इस विस्तार योजना का मुख्य केंद्र तमिलनाडु स्थित कंपनी का होसुर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा। होसुर स्थित इस संयंत्र में बुनियादी ढांचे और उत्पादन लाइनों का विस्तार किया जाएगा ताकि निर्धारित समय के भीतर अतिरिक्त क्षमता को चालू किया जा सके और यह कदम कंपनी की उस दूरगामी सोच का हिस्सा है जिसके तहत वह भविष्य में आने वाली किसी भी मांग की कमी को पहले ही दूर करना चाहती है।

68 लाख से 83 लाख यूनिट तक का सफर

वर्तमान आंकड़ों पर नजर डालें तो टीवीएस मोटर की कुल वार्षिक उत्पादन क्षमता अभी लगभग 68 लाख यूनिट के स्तर पर है। हालांकि, अगले एक साल के भीतर जब 15 लाख यूनिट की अतिरिक्त क्षमता जुड़ जाएगी, तब कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 83 लाख यूनिट प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगी। उत्पादन में यह भारी वृद्धि कंपनी को न केवल घरेलू बाजार में आपूर्ति सुचारू रखने में मदद करेगी, बल्कि निर्यात के मोर्चे पर भी उसे एक बड़ी बढ़त दिलाएगी और कंपनी की योजना सिर्फ सामान्य मोटरसाइकिलों के उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपने पोर्टफोलियो के हर हिस्से को मजबूत करना चाहती है। इसमें प्रीमियम सेगमेंट की बाइक, इलेक्ट्रिक स्कूटर और तीनपहिया वाहनों के उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि हर वर्ग के ग्राहकों की मांग को समय पर पूरा किया जा सके।

इलेक्ट्रिक वाहन और iQube की सफलता

ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग जिस गति से बढ़ रही है, उसे देखते हुए वाहन निर्माता कंपनियों के लिए अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना अब एक विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन गया है। टीवीएस मोटर इस बदलाव को भांपते हुए पहले ही इलेक्ट्रिक सेगमेंट में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। कंपनी का इलेक्ट्रिक स्कूटर 'iQube' इस समय बाजार में एक गेमचेंजर साबित हुआ है और कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में टीवीएस शानदार प्रदर्शन कर रही है और बिक्री के चार्ट में शीर्ष स्थानों पर काबिज है। आने वाले समय में उत्पादन क्षमता बढ़ने से iQube और अन्य संभावित इलेक्ट्रिक मॉडलों की वेटिंग पीरियड को कम करने में मदद मिलेगी।

बिक्री के आंकड़े और बाजार में मजबूत पकड़

कंपनी के प्रदर्शन की मजबूती उसके बिक्री के आंकड़ों से भी स्पष्ट होती है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान टीवीएस मोटर ने पेट्रोल और इलेक्ट्रिक दोनों सेगमेंट को मिलाकर कुल 59 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री की है। यह आंकड़ा न केवल कंपनी की बाजार में पैठ को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि ग्राहकों का भरोसा टीवीएस के ब्रांड पर लगातार बना हुआ है। घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी टीवीएस के टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

टीवीएस मोटर की यह विस्तार योजना स्पष्ट करती है कि कंपनी भविष्य की चुनौतियों और अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार है। उत्पादन क्षमता में यह 15 लाख यूनिट की वृद्धि उसे प्रतिस्पर्धी बाजार में एक कदम आगे रखेगी। कंपनी का ध्यान अब न केवल उत्पादन बढ़ाने पर है, बल्कि गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के समन्वय के साथ वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी को और अधिक विस्तार देने पर केंद्रित है और आने वाले एक साल में होसुर प्लांट से निकलने वाली गाड़ियों की संख्या में होने वाली यह बढ़ोतरी भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

विज्ञापन