1 फरवरी 2026 को, रविवार के दिन, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट था, जो भारतीय इतिहास में एक रिकॉर्ड है। 85 मिनट के भाषण में आम आदमी के लिए कोई बड़ा टैक्स राहत या स्लैब में बदलाव नहीं हुआ, लेकिन स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, आयुर्वेद और कनेक्टिविटी पर फोकस रहा। बजट का कुल अनुमान 36.5 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।
बजट के तीन मुख्य विजन हैं:
- रफ्तार — उत्पादकता बढ़ाकर आर्थिक विकास की गति तेज करना।
- क्षमता — लोगों की क्षमताओं को निखारना, ताकि वे देश की तरक्की में भागीदार बनें।
- सबका साथ — हर परिवार और क्षेत्र को कमाई के पर्याप्त संसाधन और अवसर उपलब्ध कराना।
वित्त मंत्री ने तीन कर्तव्यों पर जोर दिया: आर्थिक विकास को तेज करना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और सबका विकास सुनिश्चित करना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का प्रयास जारी है।
राजकोषीय ढांचा और अनुमान
बजट में राजकोषीय अनुशासन का संतुलन बनाए रखा गया है। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल के 4.4% से थोड़ा कम है। लंबे समय का लक्ष्य घाटे को 4.5% से नीचे रखना और 2031 तक कर्ज को जीडीपी के 50% के आसपास लाना है।
टैक्स राजस्व का अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये है। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार करते हुए राज्यों को ग्रामीण और शहरी निकायों के विकास के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं।
नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। फॉर्म को सरल बनाया गया है, ताकि आम आदमी आसानी से भर सके। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की समय सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है।
इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। हालांकि, मोटर एक्सीडेंट क्लेम राशि को इनकम टैक्स से छूट दी गई है। ओवरसीज टूर पैकेज पर टीसीएस 5% से घटाकर 2% किया गया है। शिक्षा और मेडिकल उद्देश्य के लिए विदेश यात्रा पर भी टीसीएस 2% रहेगा। 20 लाख रुपये से कम की विदेशी इमूवेबल प्रॉपर्टी डिस्क्लोज करने पर पेनाल्टी नहीं लगेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र: कैंसर और आयुर्वेद पर फोकस
बजट में स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। कैंसर की 17 दवाइयों पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह हटा दी गई है। साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाइयां भी ड्यूटी फ्री होंगी। इससे लाखों मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
3 नए आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाएंगे। आयुर्वेदिक दवाइयों की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब्स स्थापित होंगी। जामनगर में WHO ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर बनेगा। हाई क्वालिटी आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 रीजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे। अगले 5 साल में 1 लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल और 1.5 लाख केयर गिवर्स की ट्रेनिंग होगी। भारतीय योग को दुनिया भर में फैलाने के लिए आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स का निर्यात बढ़ेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर: कनेक्टिविटी का नया दौर
टियर-2 और टियर-3 शहरों (5 लाख से ज्यादा आबादी वाले) के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है (पिछले साल से बढ़ोतरी)। प्राइवेट डेवलपर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड बनेगा।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा: मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी। ये कॉरिडोर यात्रा समय कम करेंगे और आर्थिक गतिविधियां बढ़ाएंगे।
कार्गो के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनेंगे, जिसमें दंकुनी से सूरत तक पोर्ट कनेक्टिविटी शामिल है। वाराणसी और पटना को इंटरनल वाटरवेज के रूप में विकसित किया जाएगा। सी-प्लेन बनाने वालों को सपोर्ट मिलेगा।
सिविलियन एयरक्राफ्ट पार्ट्स के मटेरियल इम्पोर्ट पर कोई टैक्स नहीं। माइक्रोवेव ओवन पार्ट्स पर छूट। पर्सनल यूज के गुड्स पर टैरिफ 20% से घटाकर 10% किया गया।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट
15,000 सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनेंगी। इससे युवा डिजिटल क्रिएटर इकोनॉमी में भाग ले सकेंगे।
लड़कियों के लिए करीब 800 जिलों में हॉस्टल बनेंगे (हर जिले में एक)। युवाओं के लिए करियर पाथवे स्कीम लाई जाएगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में शॉर्ट-टर्म मॉड्यूलर कोर्स होंगे।
कृषि और ग्रामीण विकास
नारियल संवर्धन योजना से उत्पादन बढ़ेगा। बेकार पेड़ों की जगह नई किस्में लगाई जाएंगी।
भारतीय काजू और कोको के लिए स्पेशल प्रोग्राम — आत्मनिर्भरता, निर्यात बढ़ाना और 2030 तक प्रीमियम ग्लोबल ब्रांड बनाना।
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज से खादी को प्रोत्साहन। वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा।
एमएसएमई और इंडस्ट्री
सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड से माइक्रो इंटरप्राइजेज को मदद। लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए ट्रांजेक्शन सेटलमेंट प्रोग्राम। क्रेडिट गारंटी मैकेनिज्म।
टेक्सटाइल के लिए मेगा पार्क, नेशनल फाइबर स्कीम। हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को मदद।
इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट के लिए 40 हजार करोड़ रुपये। सेमीकंडक्टर मिशन — प्रोडक्शन, आईपी और सप्लाई चेन।
रेयर अर्थ मटेरियल के लिए ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में फेसिलिटी और मिनरल पार्क। हाई टेक टूल रूम दो लोकेशंस पर।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
- पूर्वोत्तर के 5 राज्यों (अरुणाचल, असम, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा) में बौद्ध सर्किट।
- स्पोर्ट्स उपकरण डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग स्कीम।
- इंडस्ट्रियल क्लस्टर में इंफ्रा और टेक्नोलॉजी अपग्रेड।
- क्लाउड सेवाओं को 2047 तक टैक्स फ्री करने की योजना (कुछ स्रोतों से)।