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केंद्रीय बजट: रक्षा आवंटन में 15% वृद्धि, कैंसर की दवाएं हुई शुल्क मुक्त जानिए और क्या क्या मिला

केंद्रीय बजट: रक्षा आवंटन में 15% वृद्धि, कैंसर की दवाएं हुई शुल्क मुक्त जानिए और क्या क्या मिला
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है। उन्होंने कुल 85 मिनट तक भाषण दिया, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा टैक्स राहत या चुनावी घोषणा नहीं की गई। हालांकि, टैक्स फाइलिंग में आसानी, रेलवे प्रोजेक्ट्स, स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत और आयुर्वेद को बढ़ावा देने जैसी कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं।

इस बजट में कोई सीधा चुनावी ऐलान नहीं है, खासकर आगामी पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी चुनावों को ध्यान में रखते हुए। वित्त मंत्री कांजीवरम साड़ी पहनकर संसद पहुंचीं, लेकिन फोकस जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर रहा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला बजट है, जिसमें रक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है।

रक्षा बजट में बड़ा उछाल

ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की गई है। पिछले साल के ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर अब ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया गया है। यानी कुल रक्षा बजट में 15.2% की वृद्धि हुई है।

इसमें सबसे खास बात पूंजीगत खर्च (हथियार खरीद और आधुनिकीकरण) पर है—पिछले साल के ₹1.80 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹2.19 लाख करोड़ कर दिया गया है, जो 22% की बढ़ोतरी है। विमान और एयरो इंजन डेवलपमेंट के लिए ₹64 हजार करोड़ तथा नौसेना बेड़े के लिए ₹25 हजार करोड़ अलग से दिए गए हैं। पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ का प्रावधान है।

यह बढ़ोतरी राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, स्वदेशी हथियारों (जैसे तेजस फाइटर जेट, अर्जुन टैंक) और आधुनिक तकनीक (ड्रोन, साइबर डिफेंस) पर फोकस दिखाती है।

बजट की 8 सबसे बड़ी घोषणाएं

  1. इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं — टैक्स स्लैब वही रहेंगे। लेकिन रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की डेडलाइन बढ़ाकर 31 दिसंबर से 31 मार्च कर दी गई है। नए इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा, जिसमें फॉर्म्स को सरल बनाया जाएगा।
  2. कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती — 17 एडवांस कैंसर दवाओं पर 5% की आयात शुल्क हटा दिया गया। हीमोफीलिया, सिकल सेल एनीमिया और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी ड्यूटी फ्री होंगी। इससे इलाज का खर्च 10-20% तक कम हो सकता है।
  3. रक्षा बजट में 15% बढ़ोतरी — जैसा ऊपर बताया गया।
  4. 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर — मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी। ये कॉरिडोर भारत के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे, यात्रा समय को काफी कम करेंगे।
  5. 3 आयुर्वेदिक AIIMS और मेडिकल टूरिज्म — तीन नए आयुर्वेदिक अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIMS) खोले जाएंगे। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 5 मेडिकल हब बनेंगे। आयुर्वेदिक दवाओं की टेस्टिंग के लिए नेशनल लैब्स और अगले 5 साल में 1 लाख स्पेशलिस्ट तैयार करने का लक्ष्य।
  6. टियर-2 और टियर-3 शहरों का विकास — 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश। इससे स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी, सड़कें और ग्रीन स्पेस बनेगे।
  7. शिक्षा में डिजिटल क्रिएशन — 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स बनेंगी। युवाओं को वीडियो, पॉडकास्ट और AR कंटेंट बनाने की ट्रेनिंग मिलेगी।
  8. लड़कियों के लिए हॉस्टल — करीब 789 जिलों में हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनेगा। STEM शिक्षा में लड़कियों को विशेष प्राथमिकता।

सेक्टर-वार विस्तार से समझें बजट

  1. इनकम टैक्स — स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न के लिए अतिरिक्त 3 महीने। नए फॉर्म्स सरल होंगे, प्री-फिल्ड डेटा से भरना आसान। इससे कंप्लायंस बढ़ेगा।
  2. स्वास्थ्य — कैंसर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ती। आयुर्वेद को ग्लोबल हब बनाने की तैयारी। बायोफार्मा सेक्टर के लिए ₹10,000 करोड़ का निवेश।
  3. रक्षा — 15% बढ़ोतरी, आधुनिकीकरण पर 22% ज्यादा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा को मजबूती।
  4. आयुर्वेद और बायोफार्मा — 3 आयुर्वेदिक AIIMS, नेशनल टेस्टिंग लैब्स। भारत को ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाने का लक्ष्य।
  5. महिला शिक्षा और सशक्तिकरण — हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल। लखपति दीदी मॉडल पर SHE-मार्ट्स, जहां SHG महिलाएं अपने उत्पाद बेचेंगी।
  6. रेल और ग्रीन ट्रांसपोर्ट — 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर। 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग। EV बैटरी और सोलर ग्लास पर ड्यूटी छूट से इलेक्ट्रिक वाहन सस्ते।
  7. खनिज और रेयर अर्थ — केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र में रेयर अर्थ कॉरिडोर। EV बैटरी के लिए महत्वपूर्ण।
  8. कृषि और मत्स्य पालन — नारियल, काजू, कोको को ग्लोबल ब्रांड बनाने का लक्ष्य। 500 तालाबों का विकास। चंदन उद्योग को पुनर्जीवित करना।
  9. हैंडलूम और टेक्सटाइल — नेशनल फाइबर स्कीम, मेगा टेक्सटाइल पार्क, खादी को प्रोत्साहन।
  10. पर्यटन — 20 पर्यटन स्थलों पर 10 हजार गाइड्स की ट्रेनिंग। हिमालय में इको-ट्रेल्स।
  11. विदेशी रेमिटेंस — LRS पर TCS 5% से घटाकर 2% (पढ़ाई/इलाज के लिए)।

सरकारी कमाई, कर्ज और घाटे का हिसाब

  • राजकोषीय घाटा — 2026-27 में 4.3% GDP का लक्ष्य (पिछले साल 4.4%)।
  • कर्ज-जीडीपी अनुपात — 55.6% तक कम होने का अनुमान, 2030-31 तक 50% (±1%) लक्ष्य।
  • 2025-26 का हिसाब — कमाई ₹34 लाख करोड़, खर्च ₹49.6 लाख करोड़, कैपेक्स ₹11 लाख करोड़।
  • 2026-27 अनुमान — कमाई ₹36.5 लाख करोड़, खर्च ₹53.5 लाख करोड़, उधार ₹11.7 लाख करोड़।

यह बजट सुरक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और समावेशी विकास पर फोकस करता है। आम आदमी के लिए सीधी राहत कम है, लेकिन लंबे समय में सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी से फायदा होगा। जयपुर जैसे शहरों में हाई-स्पीड रेल, हॉस्टल और स्वास्थ्य सुविधाएं बदलाव ला सकती हैं।

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