मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और जन कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं और इस बैठक में महिलाओं के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए 60 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह निर्णय भारतीय जनता पार्टी द्वारा 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के लागू होने से राज्य की लगभग 81 लाख महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। कैबिनेट की इस बैठक में कुल 27 प्रस्ताव पेश किए गए थे जिनमें से 24 प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
बुजुर्ग महिलाओं के लिए लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पारित प्रस्तावों में सबसे प्रमुख 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का प्रावधान है। सरकार ने इस योजना को 'लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना' का नाम दिया है। इस योजना के तहत बुजुर्ग महिलाओं को रोडवेज बसों में यात्रा के दौरान किराया नहीं देना होगा। योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाओं को अपनी उम्र के सत्यापन हेतु आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को इस योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से भविष्य में राज्य की 1 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा जिससे उनकी यात्रा सुगम और आर्थिक रूप से बोझ मुक्त हो सकेगी।
परिवहन विस्तार और इलेक्ट्रिक बसों की खरीद
कैबिनेट ने परिवहन विभाग को आधुनिक बनाने के लिए 425 करोड़ रुपये की लागत से 250 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इन बसों में 42 सीटर और 52 सीटर मॉडल शामिल होंगे। इसके साथ ही रक्षाबंधन के पावन पर्व पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा को भी जारी रखा गया है और यह सुविधा 26 अगस्त से 29 अगस्त तक उपलब्ध रहेगी। विशेष रूप से 27 अगस्त को सुबह 6 बजे से लेकर 29 अगस्त की आधी रात तक महिलाएं रोडवेज बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी। यह कदम त्योहारों के दौरान महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
बुनियादी ढांचे को मजबूती: झांसी लिंक और गंगा एक्सप्रेसवे
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को विस्तार देने के लिए बड़े वित्तीय आवंटन को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के विकास के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई है। इस 106 किलोमीटर 300 मीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 7968 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित होगा। यह एक्सप्रेसवे जालौन जिले के फूलपुरा गांव के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से शुरू होकर झांसी के अंबाबाई तक जाएगा और नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर (नेशनल हाईवे-44) से जुड़ेगा। शुरुआत में इसे 6 लेन का बनाया जाएगा जिसे भविष्य में 8 लेन तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है।
औद्योगिक विकास और हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार
राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे 272 करोड़ 25 लाख रुपये की लागत से एक इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMELC) विकसित किया जाएगा। इसके लिए डेवलपर का चयन वैश्विक निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार हरिद्वार तक करने की मंजूरी दी गई है। इस विस्तार परियोजना पर 10761 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे प्रयागराज और हरिद्वार जैसे दो प्रमुख कुंभ शहरों के बीच हाई-स्पीड कनेक्टिविटी स्थापित होगी। इस विस्तार से बिजनौर और हरिद्वार के बीच की दूरी कम होगी और तीर्थयात्रियों के साथ-साथ स्थानीय व्यापार को भी बड़ा लाभ मिलेगा।