विज्ञापन

यूपी में आंधी-बारिश का तांडव: 13 की मौत, 58 जिलों में अलर्ट जारी

यूपी में आंधी-बारिश का तांडव: 13 की मौत, 58 जिलों में अलर्ट जारी
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में बुधवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली और भीषण गर्मी के बीच आए आंधी-तूफान, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे प्रदेश को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। प्रयागराज और वाराणसी समेत 30 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश दर्ज की गई, जबकि राजधानी लखनऊ समेत 10 जिलों में जमकर ओले गिरे। सुल्तानपुर में तूफान की रफ्तार 60 किमी प्रति घंटे दर्ज की गई, जिससे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बने टोल प्लाजा की छत उड़ गई। अयोध्या में भी धूलभरी आंधी के साथ बारिश हुई।

प्राकृतिक आपदा में जनहानि और नुकसान

आंधी-बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कई कच्चे मकान ढह गए। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कुल 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सबसे अधिक तबाही सुल्तानपुर में देखी गई जहां 7 लोगों की जान गई। इसके अलावा अयोध्या और अमेठी में 2-2 लोगों की मौत हुई, जबकि प्रयागराज और गाजीपुर में 1-1 व्यक्ति की जान चली गई। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं।

वाराणसी में हादसा और मौसम का कारण

वाराणसी के लहुराबीर इलाके में तेज आंधी के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां तेज हवाओं के दबाव के कारण रास्ता और किलोमीटर बताने वाला एक भारी दिशा सूचक बोर्ड गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और यातायात बाधित हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, मौसम में यह अचानक बदलाव बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण हुआ है। इसके चलते पूर्वांचल, अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्र के 58 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

प्रमुख आंकड़े और मुख्य बिंदु

गर्मी का प्रभाव और आगामी चेतावनी

तूफानी मौसम के बावजूद बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप जारी है। 8°C अधिकतम तापमान के साथ अप्रैल में सातवें दिन भी प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा। मंगलवार को प्रदेश के 15 जिलों में पारा 40°C के पार दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने 30 अप्रैल को प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और आगरा समेत 35 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों को खुले में न निकलने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के उपकरणों से दूर रहने की सलाह दी है। किसानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है।

विज्ञापन