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अमेरिका-ईरान वार्ता पर बनी सहमति, पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल मुनीर पहुंचे तेहरान

अमेरिका-ईरान वार्ता पर बनी सहमति, पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल मुनीर पहुंचे तेहरान
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए दोनों देश एक बार फिर से बातचीत करने के लिए सहमत हो गए हैं। मिडिल ईस्ट में फैले तनाव के बीच यह खबर सामने आई है कि दोनों देशों ने सैद्धांतिक रूप से वार्ता के लिए अपनी सहमति दे दी है। हालांकि, अभी तक इस महत्वपूर्ण वार्ता के लिए किसी निश्चित तारीख या स्थान का चयन नहीं किया गया है।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट और वार्ता की पृष्ठभूमि

वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) के हवाले से सामने आई इस खबर के बाद यह संभावना जताई जा रही है कि अगर दोनों देशों के बीच कोई समझौता होता है, तो मिडिल ईस्ट में जारी तनाव काफी हद तक कम हो सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी अमेरिका और ईरान के बीच एक दौर की बातचीत पाकिस्तान में आयोजित की गई थी, लेकिन वह वार्ता किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी और असफल साबित हुई थी।

पाकिस्तान सेना प्रमुख की तेहरान यात्रा

इसी कूटनीतिक हलचल के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ईरान की राजधानी तेहरान पहुंच गए हैं। वहां ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने उनका औपचारिक स्वागत किया। एपी (AP) ने सेना के हवाले से जानकारी दी है कि मध्यस्थ वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के दूसरे दौर का आयोजन करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। जनरल मुनीर की इस यात्रा को इसी मध्यस्थता प्रक्रिया के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा और पाकिस्तान का रुख

हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने जनरल आसिम मुनीर की काफी तारीफ की थी, क्योंकि मुनीर दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता खोलने में अहम भूमिका निभा रहे हैं और माना जा रहा है कि मुनीर तेहरान इसीलिए गए हैं ताकि दोनों देशों के बीच फिर से शुरू होने वाली बातचीत में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। जानकारों का मानना है कि पाकिस्तान इस मध्यस्थता के जरिए अमेरिका की नजरों में अपनी साख सुधारना चाहता है, क्योंकि वह आतंकवादियों को पनाह देने के मामले में वैश्विक स्तर पर आलोचना झेलता रहा है। पाकिस्तान इस प्रक्रिया के माध्यम से अपनी छवि को बेहतर करने की कोशिश कर रहा है, हालांकि उसकी पिछली गतिविधियों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय में संदेह बना रहता है।

अन्य मध्यस्थ और समझौते की समय सीमा

एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के वार्ताकार एक संभावित समझौते के काफी करीब पहुंच रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हालिया गुप्त प्रयासों और बातचीत के बाद दोनों पक्ष आपसी सहमति के निकट हैं। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान के साथ-साथ मिस्र और तुर्की के मध्यस्थ भी सक्रिय हैं। ये सभी पक्ष 21 अप्रैल को युद्धविराम की समय सीमा समाप्त होने से पहले मतभेदों को दूर करने में मदद कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक किसी अंतिम समझौते की पूर्ण गारंटी नहीं दी गई है।

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